स्कूल में भगवान विट्‌ठल-रूक्मिणी की वेशभूषा में बच्चे व शिक्षक फोटो नवभारत
ठाणे

शिक्षक दिवस विशेष: जौनपुर की बेटी ने टिटवाला में जलाई शिक्षा की मशाल, जानिए 34 सालों की प्रेरक गाथा

Teachers Day 2026 Inspiring Story: शिक्षक दिवस पर पढ़िए डॉ. नूतन आलोक पाण्डेय की प्रेरणादायी कहानी, जिन्होंने आर्थिक तंगी को हराते हुए 34 वर्षों के समर्पण से हजारों बच्चों का भविष्य संवारा।

सूर्यप्रकाश मिश्र, आकाश मसने

Dr. Nutan Alok Pandey Teacher Inspiring Story: शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर विवेक, संस्कार और आत्मविश्वास का निर्माण करने वाली शक्ति है। जब कोई शिक्षिका शिक्षा को अपने जीवन का ध्येय और विद्यार्थियों के भविष्य को अपनी जिम्मेदारी बना लेती है, तब उसका व्यक्तित्व एक संस्था का रूप ले लेता है। ऐसी ही समर्पित, कर्मठ और संवेदनशील शिक्षिका हैं डॉ. नूतन आलोक पाण्डेय, जिन्होंने शिक्षा, सेवा और संस्कार के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने का कार्य किया है।

गांव की मिट्टी से शुरू हुआ संघर्ष और सफलता का सफर

19 नवंबर 1972 को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के सोनहिता गांव में जन्मीं डॉ. नूतन पाण्डेय को शिक्षा और समाजसेवा के संस्कार अपने पिता स्व. विद्याधर पाठक से मिले। वे शिक्षा के प्रबल पक्षधर तथा अनेक संस्थाओं के संस्थापक थे। उन्होंने अपनी पुत्री ‘अनीता’ का नाम बदलकर ‘नूतन’ रखा, जिसका अर्थ है नवचेतना। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद डॉ. नूतन ने डी.एड. तक प्रत्येक परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया।

सम्मान प्राप्त करतीं डॉ. नूतन आलोक पांडेय

34 वर्षों की स्वर्णिम एवं प्रेरणादायी शैक्षणिक यात्रा

16 जून 1992 से प्रारंभ हुई उनकी शैक्षणिक यात्रा आज 34 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा बन चुकी है। भास्कर हिंदी विद्यालय, अम्बीवली की मुख्याध्यापिका के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सदैव प्राथमिकता दी। उनके लिए प्रत्येक विद्यार्थी केवल कक्षा का एक नाम नहीं, बल्कि एक संभावनाशील भविष्य रहा है। अनुशासन, संस्कार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मानवीय संवेदनाओं को साथ लेकर चलना उनकी शिक्षण पद्धति की विशेषता रही है।

ज्ञान, संस्कार और जीवन-मूल्यों से जुड़ाव

मार्च 1995 में स्थापित आदर्श महिला शिक्षण मंडल के संस्थापक सचिव के रूप में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र को व्यापक बनाया। इसके अंतर्गत नूतन आर.एस. विद्यालय, वी.पी.एस. माध्यमिक विद्यालय एवं लिटिल वण्डर इंग्लिश स्कूल संचालित हैं। इन संस्थाओं के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और जीवन-मूल्यों से जोड़ने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

महिला व अपंग बाल विकास संस्था के सदस्यों के साथ डॉ. नूतन पाण्डेय

शिक्षा के साथ समाजसेवा का अनूठा संकल्प

शिक्षा के साथ समाजसेवा को भी उन्होंने अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया। वर्ष 2009 में महिला व अपंग बाल विकास संस्था की स्थापना कर उन्होंने 50 से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों, महिला सशक्तिकरण अभियानों और दिव्यांग सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों तक सेवा पहुंचाई। शिक्षा के साथ समाजसेवा के कार्य में उन्हें उनके जीवनसाथी एवं वरिष्ठ शिक्षक डॉ आलोक पांडेय का सक्रिय सहयोग मिलता रहा है।

डॉ. नूतन आलोक पांडेय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिला सम्मान

शिक्षा और समाज के क्षेत्र में डॉ. नूतन आलोक पाण्डेय के असाधारण योगदान को देश और दुनिया के कई बड़े मंचों पर सराहा गया है। उन्हें अब तक 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से अलंकृत किया जा चुका है।

  • लॉस एंजेल्स, कैलिफोर्निया द्वारा डॉक्टर ऑफ डॉक्टर ऑफ सोशल वर्क की मानद उपाधि।

  • भारत विभूषण (2024)

  • महाराष्ट्र राज्य आदर्श शिक्षक पुरस्कार (2016-17)

  • डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम नेशनल स्टार अवॉर्ड (2024)

  • नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड (2018) एवं जीवन गौरव सम्मान

डॉ. नूतन पाण्डेय का विश्वास है कि शिक्षा अज्ञान मिटाकर मनुष्यता का अलख जगाती है। उनका जीवन-मंत्र 'घर बचाओ, परिवार संवारो, समाज सजाओ' से ओतप्रोत दिखाई देता है। सोनहिता की मिट्टी से उठकर टिटवाला में शिक्षा की मशाल जलाने वाली डॉ. नूतन आलोक पाण्डेय आज शिक्षक धर्म, नारी शक्ति और समाजसेवा की प्रेरक मिसाल हैं।

मुफ्त में काम कराने में नंबर-1 भारत, 16 घंटे से ज्यादा Unpaid वर्क करते हैं कर्मचारी; ADP रिपोर्ट में खुलासा

जिस नेता को बड़ा भाई बता हांक रहा था डींगे, उस नेता ने भी दर्ज कराई शिकायत...चौतरफा फंसा स्वतंत्र भारद्वाज

Delhi CJP Protest: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, CJP के थाने पहुंचते ही हुआ एक्शन

Explainer: पश्चिमी यूपी में टूटेगा चौधरी परिवार का समीकरण? 26% मुस्लिम वोटर अहम, स्वाभिमान रैली के क्या मायने

Teachers' Day 2026: क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन की 8 खास बातें