Thane Municipal Corporation TDR: संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से सटे ठाणे के चितलसर-मानपाडा स्थित 193 एकड़ जमीन के एवज में टीडीआर का मामला थम नहीं रहा है। इस मामले में राज्य के वन मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गणेश नाईक ने दावा किया है कि इस 2700 से 4000 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में कई बड़े राजनेताओं और प्रभावशाली लोगों का हाथ है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि ठाणे महानगरपालिका के अधिकारियों पर अत्यधिक राजनीतिक दबाव डालकर नियमों को ताक पर रखकर यह टीडीआर आवंटित किया गया। गणेश नाईक के बयान के बाद महायुति में कड़वाहट और बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है।
बुधवार को ठाणे के राम गणेश गडकरी रंगायतन में राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक के जनता दरबार का आयोजन किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपनी अलग-अलग शिकायतें लेकर मौजूद थे। टीडीआर के मुद्दे पर मंत्री गणेश नाईक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस खेल के पीछे कई बड़े नेताओं का हाथ है, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर सार्वजनिक रूप से कुछ विशिष्ट नामों को अभी उजागर नहीं किया है, लेकिन उन्होंने पूरी व्यवस्था पर दबाव की बात कही है।
राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में जमीन के मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महापालिका को जिस जमीन का उपयोग होना ही नहीं है, उस जमीन का टीडीआर देने का क्या मतलब है? इसका बोझ ठाणे के नागरिक क्यों सहन करें ? उन्होंने कहा कि नागरिक अब बहुत जागरूक हो गए हैं। उन्होंने अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि ठाणे जिले का नागरिक होने के नाते इस मामले की लड़ाई सर्वोच्च न्यायालय में लड़ेंगे।
मंत्री नाईक ने कहा कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की सीमा में उद्यान के लिए जमीन आरक्षित करने की क्या जरूरत थी। राष्ट्रीय उद्यान में सभी को जाने की जरूरत है। ठाणे की तरफ तो किसी तरह का शुल्क भी नहीं देना पड़ता है। जनता दरबार में वन मंत्री गणेश नाईक ने सभी शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुनी और निराकरण को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। इस अवसर पर पूर्व सांसद संजीव नाईक, विधायक निरंजन डावखरे, रूद्र प्रतिष्ठान के अध्यक्ष एड। धनजंय सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष संदीप लेले सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
जनता दरबार के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के ठाणे शहर जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान ने 'वैक अप ठाणेकर' के प्रतिनिधियों के साथ वन मंत्री नाईक से मुलाकात की। शहर में अमेजन डेटा सेंटर व सरकारी जमीन के मुद्दे पर उन्हें एक ज्ञापन दिया बताया गया कि डेटा सेंटर के लिए बहुत अधिक बिजली और पानी की जरूरत होगी। नाईक ने कहा कि ठाणे में इस प्रोजेक्ट का बहुत विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र देंगे, नाईक ने नागरिकों से कहा कि भ्रष्टाचार आज शुरू नहीं हुआ, यह बहुत पुराना है। अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रहनी चाहिए।
ठाणे शहर व नागरी क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या को देखते हुए कालू डैम के निर्माण की अड़चनों को दूर करने की जरूरत है। इसको लेकर जलसंधारण मंत्री गिरीश महाजन, संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि, नगरसेवक-नगरसेविकाओं की मंत्रालय में जल्द ही विशेष संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।
इस तरह का आश्वासन राज्य के वन मंत्री व ठाणे के संपर्क मंत्री गणेश नाईक में दिया है। जनता दरबार में भाजपा की नगरसेविका नम्रता जयेंद्र कोली ने मंत्री नाईक को कालू डैम को लेकर एक ज्ञापन दिया। इस अवसर पर विधायक निरंजन डावखरे, नगरसेवक नारायण पवार, संजय वाघुले, मनोहर डुंबरे, भरत चव्हाण, भाजपा तःने शहर उपाध्यक्ष जयेंद्र कोली सहित अन्य उपस्थित थे।