Supriya Sule Thane Press Conference: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के खिलाफ दर्ज किए गए एफआईआर को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने के चलते दो घंटे के भीतर अमित ठाकरे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया जाता है, लेकिन दूसरी तरफ मेरे भाई अजीत पवार की मृत्यु के मामले में अब तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। राज्य के उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार की मौत को लेकर सुले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अजित पवार गुट पर भी निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि अजीत पवार के जाने के बाद भी उनकी पार्टी के विधायक और सांसद सत्ता का सुख भोग रहे हैं, लेकिन उनकी मृत्यु की जांच को लेकर उनमें से एक भी विधायक आवाज नहीं उठा रहा है। राकांपा (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुले बुधवार को ठाणे स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरकार और अजीत पवार गुट पर जमकर निशाना साधा। अजीत पवार गुट राज्य सरकार में शामिल है और इसी सरकार में अजीत पवार उपमुख्यमंत्री थे।
लेकिन उनकी पार्टी के विधायकों और सांसदों ने हमारे भाई की एफआईआर को लेकर एक शब्द तक नहीं कहा है। मेरा भाई चला गया, लेकिन उसके बाद भी उनकी पार्टी के लोग सत्ता में बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच आखिर कहां तक पहुंची है और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, यह हमें भी नहीं पता है।
सड़कों के गड्डों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए सुले ने कहा कि महाराष्ट्र में सफर करते समय यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि सड़कों में गड्ढे हैं या गड्डों में सड़क, यह अब कोई नई बात नहीं रही, इसकी आदत सी हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि कोल्हापुर में भी किसान 'शक्तिपीठ प्रोजेक्ट' का विरोध कर रहे हैं, फिर भी उन पर यह परियोजना जबरन थोपी जा रही है। ठाणे शहर के लोग अमेजन का विरोध कर रहे हैं, फिर भी उसे लाया जा रहा है। रिंग मेट्रो की मांग न होने के बावजूद उसे लाया जा रहा है।
ठाणेवासियों को बस कनेक्टिविटी की जरूरत है, लेकिन उसकी जगह हजारों करोड़ की परियोजना लादी जा रही है। सुप्रिया सुले ने चेतावनी देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के खिलाफ डॉ. जितेंद्र आव्हाड के मार्गदर्शन में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी सड़को पर उतरेगी।
इस मौके पर डॉ. जितेंद्र आव्हाड, जिलाध्यक्ष मनोज प्रधान, कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश पाटिल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। जीडीपी वृद्धि के जश्न पर सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि वे जश्न जरूर मनाएं, लेकिन गरीब के पेट पर लात मारकर नहीं। जो विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री हैं, उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब हुई है, जबकि भारत सरकार का डेटा कुछ अलग ही बयां करता है।
यह काफी चिंताजनक है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि मुझे बताइए चीनी, चावल, गेहूं, अंडे क्या सस्ता है? आम इंसान आखिर कैसे जिए? यहां तो जीवन जीना ही मुश्किल हो गया है।
महंगाई की मार हर इंसान झेल रहा है। दूध 100 रुपये के पार पहुंच चुका है। आम नागरिक टैक्स भरता है, लेकिन उसे बदले में क्या सस्ता मिल रहा है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।