Supreme Court Strict Remarks Doctor Safety Assault Case: डॉक्टरों पर होने वाले हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टरों पर हमला करने वालों की सही जगह सिर्फ जेल है। सुप्रीम कोर्ट ने यह कड़ी टिप्पणी कल्याण स्थित शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ पर हमले के आरोपी शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की।
सोमवार को म्हात्रे ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों को एक मिनट के लिए भी सड़कों पर घूमने का हक नहीं है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह टिप्पणी बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से तय जमानत शर्तों को चुनौती देने वाली म्हात्रे की याचिका पर सुनवाई के दौरान की। कोर्ट ने म्हात्रे को याचिका वापस लेने की इजाजत दी और साथ ही महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें म्हात्रे समेत चार लोगों की जमानत रद्द करने की मांग की गई है।
पुलिस ने म्हात्रे को 6 जुलाई को कल्याण में डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले गिरफ्तार किया था। सेशन कोर्ट ने 14 जुलाई को उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने खुद संज्ञान लेते हुए 18 जुलाई को इस जमानत आदेश पर रोक लगा दी।
बाद में 7 अगस्त को हाई कोर्ट ने यह रोक हटाते हुए म्हात्रे और तीन अन्य को सख्त शर्तों के साथ जमानत दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने म्हात्रे को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देने वाली महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
पालघर की घटना का भी लिया संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पालघर में डॉक्टरों की पिटाई के मामले में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं में शामिल नेताओं को तुरंत हिरासत में लिया जाए। मुंबई से सटे पालघर जिले में एक अस्पताल में शिवसेना पदाधिकारियों ने कथित तौर पर डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के साथ मारपीट की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वाले ऐसे नेताओं या अन्य आरोपियों को तुरंत हिरासत में लिया जाए।