Shahapur Taluka MMRDA Inclusion Demand: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई की प्यास बुझाने वाला ठाणे जिले का सबसे बड़ा तालुका शाहपुर विकास की दृष्टि से उपेक्षित बना हुआ है। मुंबई की सीमा से सटे ठाणे से 60 किमी दूर शाहपुर को भी एमएमआरडीए में शामिल करने की मांग उठी है।
यहां से पूर्व विधायक एवं आदिवासी समाज के नेता पांडुरंग बरोरा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शाहपुर तालुका को एमएमआरडीए में शामिल करने का आग्रह किया है,ताकि इस पिछड़े इलाके का भी योजनाबद्ध तरीके से विकास हो सके।
अधिकांश मुंबई एवं ठाणे जैसे बड़े शहरों को शाहपुर से ही पानी की सप्लाई होती है। 2 करोड़ मुंबईकरों की प्यास बुझाने वाले भातसा,तानसा,वैतरणा जैसे बांध व जलाशय शाहपुर तालुके में ही हैं। इन डैम से पाइपलाइन द्वारा पेयजल ठाणे होते हुए मुंबई में लाया जाता है। जबकि शाहपुर तालुके के कई गांवों को गर्मी में पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस तरह पानी की कमी के साथ साथ विकास के अन्य मामलों में पिछड़े शाहपुर में 'दीपक तले अंधेरा वाली' कहावत चरितार्थ होती दिख रही है।
वैसे शाहपुर तालुका का कुछ हिस्सा अच्छी तरह मुंबई से रेल व रोड नेटवर्क के माध्यम से जुड़ा हुआ है। मुंबई-नाशिक हाइवे के किनारे और मुंबई कसारा रेल नेटवर्क से जुड़े होने के बावजूद शाहपुर के इलाकों के विकास के लिए कोई सक्षम प्राधिकरण न होने से योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपनगरीय रेल नेटवर्क के रूप में शाहपुर तालुके में वाशिंद, आसनगांव, खरडी, आठगांव,तानशेत और कसारा जैसे प्रमुख स्टेशन भी हैं,जहां से हजारों निवासी रोजगार के लिए प्रतिदिन मुंबई, ठाणे और कल्याण आते-जाते हैं।
शाहपुर ठाणे जिले का एकमात्र आदिवासी और भौगोलिक दृष्टि से भी सबसे बड़ा तालुका है। पूर्व विधायक पांडुरंग बरोरा के अनुसार इस इलाके के सामाजिक आर्थिक स्थिति में असंतुलन बढ़ रहा है। यदि शाहपुर तालुका को मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया तो इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के साधन बढ़ जाएंगे।
पिछले कुछ वर्षों में यहां जनसंख्या में काफी वृद्धि हुई है,परंतु विकास योजनाओं एवं संसाधनों की कमी के चलते समस्या भी बढ़ी है। बरोरा ने बताया कि शाहपुर को एमएमआरडीए से बाहर रखने से औद्योगिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचा विकास के अवसरों से अभी भी काफी दूर हैं।
बताया गया कि ठाणे-पालघर-रायगढ़ क्षेत्रीय विकास योजना में शाहपुर को शामिल करने का प्रस्ताव था, लेकिन अंतिम अधिसूचना में इस तालुका को शामिल नहीं किया गया। बरोरा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर इस मामले में ज्ञापन भी सौंपा है।
ठाणे से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट