तेंदुआ (सोर्स: सोशल मीडिया) 
ठाणे

भाईंदर से रेस्क्यू किया गया तेंदुआ ठाणे के नागला जंगल में मृत मिला; सैटेलाइट कॉलर से की जा रही थी निगरानी

Thanen News: मुंबई के भाईंदर से सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़े गए एक नर तेंदुए की ठाणे के नागला रिजर्व फॉरेस्ट में मौत हो गई। वन विभाग मौत के कारणों की जांच कर रहा है।

आकाश मसने

Rescued Leopard Dead: मुंबई के पास भाईंदर इलाके में कुछ हफ़्तों पहले रिहायशी बस्ती में घुसने के बाद सुर्ख़ियों में आया नर तेंदुआ अब इस दुनिया में नहीं रहा। वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तेंदुए का शव गुरुवार को ठाणे के नागला रिजर्व फॉरेस्ट (Nagla Reserve Forest) में पाया गया। यह खबर वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि इस तेंदुए की आधुनिक तकनीक 'सैटेलाइट कॉलर' के जरिए लगातार निगरानी की जा रही थी।

रेस्क्यू से रिहाई तक का सफर

बता दें कि 19 दिसंबर, 2025 को इस तेंदुए ने भाईंदर की एक रिहायशी बस्ती में प्रवेश किया था, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी। एक कठिन और सफल ऑपरेशन के बाद वन विभाग ने इसे रेस्क्यू किया था। इसके बाद, तेंदुए के प्राकृतिक आवास में ढलने की प्रक्रिया को समझने के लिए वन विभाग ने एक विशेष अध्ययन शुरू किया। इसके तहत तेंदुए के गले में एक उच्च तकनीक वाला 'सैटेलाइट-लिंक्ड रेडियो कॉलर' लगाया गया था, ताकि उसकी गतिविधियों को रियल-टाइम में ट्रैक किया जा सके। 25 दिसंबर को इसे संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) के अंतर्गत आने वाले नागला ब्लॉक में छोड़ दिया गया था।

शुरुआती संकेतों में दिखा था स्वस्थ

रिहाई के बाद शुरुआती डेटा से संकेत मिले थे कि तेंदुआ नए वातावरण में अच्छी तरह ढल रहा है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 25-30 दिसंबर के बीच तेंदुआ लगातार सासुनावघर सेक्टर में घूमता हुआ पाया गया। 31 दिसंबर को उसे एक गुफा के पास शिकार (कुत्ते) करते हुए देखा गया, जो इस बात का सबूत था कि वह खुद भोजन जुटाने में सक्षम है। 5 जनवरी को जंगल में लगे कैमरा ट्रैप में भी वह काफी फुर्तीला और स्वस्थ दिखाई दिया था।

कैसे हुई मौत?

सफल मॉनिटरिंग का यह सिलसिला 2 फरवरी को उस वक्त टूट गया जब अधिकारियों को नागला रिजर्व के अंदर तेंदुए का शव मिला। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने शिकार (Poaching) की आशंका को खारिज कर दिया है, क्योंकि तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं।

वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। शव को विस्तृत पोस्टमार्टम (Autopsy) के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत प्राकृतिक थी, किसी आंतरिक चोट के कारण हुई या कोई अन्य पर्यावरणीय कारण था।" अगले सप्ताह तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने की संभावना है।

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