Homeless Encroachment In Thane: मीरारोड रेलवे स्टेशन (पूर्व) के बाहर स्थित वीर स्मृति (शहीद) स्मारक परिसर इन दिनों बदहाली का शिकार है। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले मीरा - भाईंदर के सपूत वीर शहीद कौस्तुभ राणे की स्मृति में बनाए गए इस परिसर पर पहले अवैध फेरीवालों का कब्जा रहा, वहीं अब यह बेघर लोगों और भिक्षुकों का ठिकाना बनता जा रहा है।
इससे स्थानीय नागरिकों और रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्मारक की सीढ़ियों, चेन-बैरिकेडिंग वाले सुरक्षित क्षेत्र और आसपास के हिस्सों में कई बेघर लोग बोरिया-बिस्तर और सामान के साथ डेरा जमाए हुए हैं। शाम के समय यहां भीड़ और अव्यवस्था और बढ़ जाती है।
मीरारोड रेलवे स्टेशन और ऑटो स्टैंड के बीच स्थित शहीद स्मारक परिसर में बेघरों, भिक्षुकों और असामाजिक तत्वों की बढ़ती मौजूदगी से यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय यहां अव्यवस्था और भी बढ़ जाती है, जिससे आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नागरिकों का मानना है कि वीर शहीद कौस्तुभ राणे की स्मृति में बने इस स्थल के आसपास इस तरह का जमावड़ा राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े स्मारक की गरिमा को भी प्रभावित कर रहा है।
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कुछ समय पहले ठाणे जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस क्षेत्र को बाल भिक्षुओं से मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन उसका स्थायी असर दिखाई नहीं दे रहा। स्थानीय समाजसेवी सज्जी आई. पी. का आरोप है कि मीरा- भाईंदर महानगरपालिका (एमबीएमसी) और रेलवे पुलिस की ओर से इस समस्या की समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बेघर लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था कर शहीद स्मारक परिसर को अतिक्रमण व अव्यवस्था से मुक्त कर उसकी गरिमा बहाल करे।