Mira Bhayandar Drain Cleaning: मीरा भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए नालों की प्री-मानसून सफाई और मैंग्रोव क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों की अनुमति को लेकर एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संपन्न हुई।
बैठक में राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री गणेश नाईक, उप सचिव मिलिंद म्हैसकर, महापौर डिंपल मेहता, आयुक्त राधाबिनोद शर्मा, उपमहापौर ध्रुव किशोर पाटिल सहित नगर प्रशासन और मैंग्रोव विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
महापौर डिंपल मेहता ने जानकारी दी कि शहर के कुल 31 नालों में से कई नाले खाड़ी किनारे स्थित हैं, जहां मैंग्रोव वन तेजी से फैल गए हैं। इनकी वजह से पानी के प्राकृतिक प्रवाह में रुकावट पैदा हो रही है, जिससे नालों की सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यदि समय रहते नालों की सफाई और मैंग्रोव क्षेत्र में आवश्यक अनुमति नहीं मिली, तो मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पिछले वर्षों में भी कई इलाकों में ऐसी समस्याएं सामने आ चुकी हैं।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि मैंग्रोव संरक्षण और शहरी विकास के बीच संतुलन बनाए रखते हुए समाधान निकाला जाए। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित अनुमति प्रक्रिया आवश्यक मानी गई।
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प्रशासन का मानना है कि समय पर नाला सफाई और जरूरी कार्यों की अनुमति मिलने से शहर में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और मानसून के दौरान नागरिकों को राहत मिलेगी।