मनपा की रजत जयंती समिति ने 37 लोगों के राजस्थान दौरे का प्रस्ताव रखा है।
टूर पर करीब ₹25 लाख खर्च होने का प्रस्ताव है, जिसमें वीडियो शूटिंग और संपादन भी शामिल हैं।
एड. गुप्ता ने प्रस्ताव रद्द करने की मांग करते हुए सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।
Mira Bhayandar Civic Study Tour Faces 25 Lakh Rupees: एक तरफ महाराष्ट्र के किसान सूखे और अकाल की मार झेल रहे हैं, वहीं मीरा- भाईंदर मनपा की रजत जयंती समिति अध्ययन यात्रा के नाम पर 25 लाख रुपये खर्च करने की तैयारी में है।
राजस्थान के प्रस्तावित दौरे को लेकर सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं। मीरा- भाईंदर मनपा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2026 में रजत जयंती वर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा 25 विद्यार्थी, 3 शिक्षक और समिति के अध्यक्ष-सदस्यों समेत कुल 37 लोगो के यात्रा का आयोजन प्रस्तावित है।
25 विद्यार्थियों के शैक्षणिक दौरे में समिति के पदाधिकारियों की भागीदारी का कोई स्पष्ट जनहित औचित्य नहीं बताया गया है। 25 लाख के खर्च में यात्रा के साथ कैमरा ऑपरेटर, वीडियो शूटिंग और संपादन का खर्च भी शामिल है।
एड. कृष्णा गुप्ता ने नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव और मीरा- भाईंदर मनपा आयुक्त राधाविनोद शर्मा से यात्रा के प्रस्ताव को तत्काल रद्द करने की मांग की है। उन्होंने महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 451 का हवाला देते हुए मनपा निधि के संभावित दुरुपयोग और अपव्यय पर रोक की मांग की है।
एड. कृष्णा गुप्ता ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के नगरसेवक ‘अध्ययन दौरे’ के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये खर्च कर चुके हैं।
हालांकि, इन यात्राओं से ठाणे शहर को क्या ठोस लाभ मिला और विकास कार्यों में इनका कितना योगदान रहा, इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। गुप्ता के अनुसार, ऐसे दौरों के उद्देश्य और उनके परिणामों को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में किसान सूखे और अकाल जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में प्रस्तावित राजस्थान यात्रा पर 25 लाख रुपये खर्च करने की योजना जनहित के लिहाज से सवाल खड़े करती है। इसलिए मनपा प्रशासन को इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर सार्वजनिक धन के उचित इस्तेमाल को प्राथमिकता देनी चाहिए।