

डोंबिवली पूर्व के पांडुरंगवाड़ी स्थित ‘सावली’ सेंटर में विश्व बेघर दिवस मनाया गया।
बेघर लोगों के लिए प्रतियोगिताएं, स्वास्थ्य जांच, भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
जरूरतमंदों को आश्रय, मेडिकल सुविधाएं और आधार, पैन व राशन कार्ड जैसे दस्तावेज दिलाने में मदद की जाती है।
Thane Savali Shelter Celebrates Homeless Day: विश्व बेघर दिवस के मौके पर गुरुकृपा विकास संस्था के चलाए जा रहे ‘सावली’ बेघर शेल्टर सेंटर में कई तरह की सोशल और कल्चरल कार्यक्रम संपन्न हुए।
डोंबिवली पूर्व के पांडुरंगवाड़ी में हुए इस आयोजन में बेघर भाइयों के लिए पेंटिंग, निबंध और सिंगिंग कॉम्पिटिशन, हेल्थ चेक-अप कैंप, लंच और कल्चरल कार्यक्रम संपन्न हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय पार्षद ज्योति मराठे, नगरसेवक हर्षल मोरे, सूरज मराठे और पूर्व पार्षद राजन मराठे ने दीप जलाकर किया।
इस मौके पर गुरुकृपा विकास संस्था के जगदीश पवार, बेघर शेल्टर सेंटर कमिटी के किशोर कोशिमकर उपस्थित थे। आलोग कम्युनिटी के ज़रिए एक कल्चरल प्रोग्राम हुआ।
प्रगति कॉलेज के स्टूडेंट्स ने बेघर लोगों के लिए पेंटिंग, निबंध और सिंगिंग कॉम्पिटिशन किए। सीनियर सिटिज़न्स के लिए एक डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम भी हुआ। बेघर भाइयों के साथ केक काटकर वर्ल्ड होमलेस डे मनाया गया।
इसके बाद हेल्थ चेक-अप कैंप, लंच और संवाद फाउंडेशन की तरफ से पेश किए गए कल्चरल प्रोग्राम ‘युग शाहिरी जलसा’ ने आए हुए लोगों का मनोरंजन किया।मंजिरी ने प्रोग्राम का स्वागत किया, जबकि DAY-NULM मैनेजर भगवत पठारे ने अपनी इंट्रोडक्शन में वर्ल्ड होमलेस डे की इंपॉर्टेंस बताई।
एक नॉर्मल परिवार का इंसान अलग-अलग हालात की वजह से बेघर हो सकता है। ऐसे लोगों को ठाणे पुलिस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और बस डिपो से शेल्टर सेंटर लाया जाता है। इसके बाद ऑर्गनाइजेशन के ज़रिए उनके परिवारों को ढूंढकर उन्हें वापस घर लाने की कोशिश की जाती है, ऐसी जानकारी उन्होंने दी।
जिन बेघर लोगों को अपने परिवार का साथ और सहयोग नहीं मिल पाता, उनके लिए ‘सावली’ शेल्टर सेंटर की ओर से कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। इसमें सुरक्षित आश्रय, भोजन, कपड़े और मेडिकल सुविधाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही, इन लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने में भी मदद की जाती है।
इन दस्तावेजों से उन्हें सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी सेवाओं का लाभ लेने में सहायता मिल सकती है। इस पहल का उद्देश्य बेघर लोगों को केवल रहने की जगह देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने का अवसर देना है।