मीरा-भाईंदर मनपा के 40 संविदा शिक्षकों को 6 महीने से वेतन नहीं।
36 स्कूलों में करीब 10 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं।
कार्यकाल विस्तार की फाइल अटकने से वेतन रुका।
शिक्षा समिति सभापति ने जल्द बकाया वेतन दिलाने का आश्वासन दिया।
Mira Bhayandar Municipal Corporation: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका (मनपा) के स्कूलों में बच्चों का भविष्य संवारने वाले 40 संविदा शिक्षक खुद आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इन शिक्षकों को पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिला है।
इसके चलते उनके सामने घर का खर्च चलाने, मकान का किराया देने, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने और कर्ज की किस्तें चुकाने की समस्या खड़ी हो गई है। वेतन के लिए मनपा कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद राहत नहीं मिलने से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है।
मीरा-भाईंदर मनपा के अंतर्गत कुल 36 स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में हिंदी, उर्दू, मराठी और गुजराती माध्यमों से करीब 10 हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले स्थायी शिक्षकों की कमी के कारण माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विभागों में एक वर्ष पहले 40 शिक्षकों की संविदा आधार पर नियुक्ति की गई थी।
इन संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की अवधि अप्रैल में समाप्त हो गई थी। नियमानुसार, कार्यकाल खत्म होने से पहले ही शिक्षा विभाग को उनके सेवा विस्तार से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करनी थी। हालांकि, कई महीने बीतने के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते शिक्षकों का वेतन भुगतान अटक गया है।
एक शिक्षक के मुताबिक, उन्हें लगातार छह महीने से वेतन नहीं मिला है। त्योहार के समय आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है। शिक्षकों को उम्मीद है कि दिवाली से पहले उनका बकाया वेतन जारी कर दिया जाएगा।
ठाणे मनपा की शिक्षा, कला, क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समिति की सभापति स्नेहा शैलेश पांडे ने बताया कि संविदा शिक्षकों का बकाया वेतन दिलाने के लिए उन्होंने विधायक नरेंद्र मेहता, महापौर और मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर तथा उनसे चर्चा कर अनुरोध किया है।
पांडे के अनुसार, आयुक्त जल्द ही आदेश जारी कर शिक्षकों का बकाया वेतन दिलाने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। साथ ही शिक्षकों की शैक्षणिक अवधि भी बढ़ाई जाएगी। अब शिक्षकों को प्रशासन के फैसले का इंतजार है।