

मुंबई एयरपोर्ट पर 2 भूटानी नागरिक गिरफ्तार।
दोनों के पास से करीब 3 किलो गांजा बरामद।
चॉकलेट पैकेट और कार्टन में छिपाकर हो रही थी तस्करी।
ड्रग सिंडिकेट पर युवाओं को लालच देकर इस्तेमाल करने का शक।
Mumbai Airport Drugs Seizure: छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सीएसएमआईए) पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के एक कथित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।
कार्रवाई के दौरान बैंकॉक से आए दो भूटानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने उनके सामान से करीब तीन किलोग्राम हाई-ग्रेड गांजा बरामद किया है। जांच में सामने आया है कि तस्करी के लिए चॉकलेट के रैपर और कार्टन का इस्तेमाल किया जा रहा था।
कस्टम सूत्रों के मुताबिक, पहली कार्रवाई में बैंकॉक से पहुंचे भूटानी यात्री त्शेगे को संदेह के आधार पर रोका गया। उसके सामान की गहन तलाशी लेने पर कमर्शियल चॉकलेट रैपर के भीतर छिपाए गए सात वैक्यूम सील पैकेट मिले। मुंबई एयरपोर्ट पर कुल 1,452 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
पूछताछ के दौरान यात्री ने कथित तौर पर बताया कि उसे जल्दी और आसानी से पैसे कमाने का लालच देकर इस अवैध गतिविधि में शामिल किया गया था। कस्टम अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट के तहत उसका बयान दर्ज करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
पहली कार्रवाई के बाद एआईयू ने बैंकॉक से आए एक अन्य भूटानी नागरिक ताशी तेनजिन को भी जांच के लिए रोका। उसके सामान की तलाशी में चॉकलेट के सात कार्टन बॉक्स के भीतर छिपाकर रखा गया करीब 1,500 ग्राम गांजा बरामद हुआ। तस्करी के सामान के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
कस्टम अधिकारियों को आशंका है कि इस मामले के पीछे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। शुरुआती जांच के अनुसार, सिंडिकेट कथित तौर पर भूटान जैसे पड़ोसी देशों के नागरिकों को आर्थिक प्रलोभन देकर ड्रग्स की खेप एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाने के लिए कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
अधिकारियों की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि गिरफ्तार यात्रियों को गांजा किसने सौंपा था और भारत में इसकी डिलीवरी किसे की जानी थी। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।