Mira Bhayandar Road Tree Cutting: ठाणे जिले के मीरा-भाईंदर शहर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर श्रेणी में माना जाता है। हवा में लगातार बढ़ रही धूल और जहरीले कणों के कारण लोगों में सांस फूलना, खांसी, आंखों में जलन, सिरदर्द और सीने में भारीपन जैसी समस्याएं तेज़ी से बढ़ रही हैं। बढ़ते प्रदूषण के बीच शहर में पेड़ों की बेतहाशा कटाई ने स्थिति को और खराब बना दिया है।
मीरारोड पूर्व के केलल्लन तिवारी कॉलेज रोड, इंद्रलोक फेज-6, मोजे नवघर के सर्वे क्रमांक 36 (245) समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पेड़ों की कटाई की शिकायतें मनपा के उद्यान विभाग और नगर रचना विभाग तक कई बार पहुंचाई गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नागरिकों का कहना है कि अधिकारी शिकायतों को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे यह संदेह बढ़ रहा है कि बिल्डर्स के दबाव में हरियाली का सफाया किया जा रहा है। शहर का प्रदूषण स्तर पहले ही असुरक्षित सीमा में है, ऐसे में पेड़ों की कटाई वायु गुणवत्ता को और खराब कर देगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पेड़ों का अभाव तापमान में वृद्धि, धूलकणों में बढ़ोतरी और हवा की नमी में कमी जैसी समस्याओं को और बढ़ाता है। इससे न सिर्फ पर्यावरण असंतुलित होता है, बल्कि शहरी जनजीवन भी प्रभावित होता है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि यदि स्थिति पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया गया, तो मीरा-भाईंदर का वायु स्तर बेहद खतरनाक श्रेणी में पहुंच सकता है। पेड़ों की बड़ी मात्रा में हो रही कटाई से शहर की हरियाली तेजी से घट रही है, जिससे प्रदूषण पर रोक लगाने की प्राकृतिक क्षमता भी कम हो रही है।
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पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध पेड़ कटाई पर तुरंत रोक लगाई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, और बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान शुरू किया जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि अभी कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले समय में मीरा-भाईंदर में रहना और भी मुश्किल हो सकता है।