पालघर में 111 करोड़ का फर्जीवाड़ा! विक्रमगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

Palghar News: पालघर पुलिस ने विक्रमगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष नीलेश पडवाले को 111 करोड़ रुपये हड़पने की कोशिश में गिरफ्तार किया है। SBI बैंक ने जाली दस्तावेज़ पकड़कर साजिश को नाकाम किया।
Vikramgad Nagar Panchayat
विक्रमगड नगर पंचायत (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Palghar Vikramgad Fraud Case: महाराष्ट्र के पालघर जिले में 111 करोड़ रुपये की बड़ी बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक नगर पंचायत अध्यक्ष को जाली दस्तावेज जमा करने के आरोप में पड़ोसी ठाणे से गिरफ्तार किया गया है। बैंक की सतर्कता के कारण यह साजिश नाकाम हो गई।

पालघर जिले के विक्रमगढ़ में पुलिस ने 111 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़पने की कोशिश करने वाले विक्रमगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष नीलेश उर्फ ​​पिंका रमेश पडवाले को गिरफ्तार किया। वह ओ वी कंस्ट्रक्शन कंपनी का मालिक भी है। पुलिस ने बताया कि पडवाले को शुक्रवार को पड़ोसी जिले ठाणे से गिरफ्तार किया गया।

पीडब्ल्यूडी के फर्जी दस्तावेज का किया इस्तेमाल

यह पूरी साजिश सार्वजनिक क्षेत्र के एक प्रमुख बैंक के सतर्क अधिकारियों द्वारा नाकाम की गई। अधिकारियों ने बताया कि कथित गबन की साजिश के बारे में 7 नवंबर को पता चला। यह मामला तब सामने आया जब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की जौहर शाखा में लोक निर्माण विभाग (PWD) का एक फर्जी अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया गया था। इस पत्र में निर्माण कंपनी (ओ वी कंस्ट्रक्शन) के नाम पर 111.63 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) जारी करने की मांग की गई थी। मांग पत्र और उसके साथ संलग्न चेक पर पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता और लेखाकार के कथित हस्ताक्षर थे।

बैंक अधिकारियों ने ऐसे पकड़ी गड़बड़ी

पत्र की जांच के दौरान बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ, क्योंकि उन्हें इसमें कई विसंगतियां मिलीं। अधिकारी ने बताया कि एक बड़ी विसंगति यह थी कि दस्तावेजों में 'करोड़' के स्थान पर 'बिलियन' (Billion) शब्द का इस्तेमाल किया गया था।

संदेह होने पर बैंक कर्मचारियों ने पहले ईमेल के जरिए अनुरोध की पुष्टि करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद, एक कर्मचारी खुद जौहर पीडब्ल्यूडी कार्यालय गया, जहां अधिकारियों ने विरोधाभासी जवाब दिए। इस साजिश का पूरा पर्दाफाश तब हुआ जब एसबीआई प्रबंधकों ने कार्यकारी अभियंता से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। कार्यकारी अभियंता ने स्पष्ट किया कि पत्र पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं थे।

पुलिस जांच के बाद पडवाले को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि यज्ञेश अम्बिरे के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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