मेट्रो 12A और डबल डेकर फ्लाईओवर को महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी।
18.40 किमी मेट्रो कॉरिडोर पर 12 स्टेशन बनेंगे।
₹13,856 करोड़ की परियोजना से कल्याण-डोंबिवली से नवी मुंबई का सफर आसान होगा।
Mumbai Metro 12A Kalyan Shilphata Double Decker Flyover: कल्याण-डोंबिवली और शिलफाटा क्षेत्र में बढ़ती यातायात समस्या को दूर करने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कल्याण-शिलफाटा मार्ग पर प्रस्तावित मुंबई मेट्रो 12A को राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है। इस मेट्रो मार्ग के साथ डबल डेकर फ्लाईओवर परियोजना को भी राज्य सरकार ने मंजूरी दी है।
इस प्रोजेक्ट के किए विशेष प्रयास करने वाले स्थानीय सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने कहा कि इससे कल्याण लोकसभा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नया आयाम मिलेगा और कल्याण डोम्बीवली से ठाणे-नवी मुंबई तक आवागमन सुगम होगा। डॉ शिंदे ने एक साथ दोनों बहुउद्देश्यीय प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आभार माना है।
करीब 18.40 किलोमीटर लंबी इस एलिवेटेड मेट्रो लाइन पर 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 13,856.37 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही उन्नत सड़कों और फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रस्तावित है।
मेट्रो 12A का प्रस्तावित मार्ग मानपाडा-कटाई नाका से शुरू होकर कल्याण फाटा होते हुए तलोजा के खुटारी गांव तक जाएगा। यह कॉरिडोर कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। औद्योगिक क्षेत्रों, आवासीय इलाकों और लॉजिस्टिक्स हब तक पहुंच आसान बनाना भी इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है।
मेट्रो 12 ए के प्रस्तावित स्टेशनों में मानपाडा, काटई नाका,कल्याण ग्रोथ सेंटर देसाई नाका,पडले गांव, कल्याण फाटा, गोठेघर गांव, दहिसर मोरी, दहिसर गांव किरवली गांव, रोहिंजन और खुटारी गांव शामिल हैं। इस पूरे मार्ग पर सभी स्टेशन एलिवेटेड यानी जमीन से ऊपर बनाए जाने की योजना है।
इस परियोजना की विशेषता मेट्रो के साथ एकीकृत उन्नत सड़क और फ्लाईओवर का निर्माण है। प्रस्ताव में लगभग 15.62 किलोमीटर के फ्लाईओवर शामिल हैं। इनमें 6.93 किलोमीटर का चार लेन और 8.69 किलोमीटर का 6 लेन वाला हिस्सा प्रस्तावित है। इससे कल्याण-शिलफाटा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुचारु करने और प्रमुख जंक्शनों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
मेट्रो 12A के जरिए मौजूदा मेट्रो 12, मेट्रो 14 और नवी मुंबई मेट्रो लाइन 1 से कनेक्टिविटी प्रस्तावित है। काटई नाका पर बुलेट ट्रेन के कनेक्टिंग मार्ग से जुड़ाव भी इस योजना में शामिल है। सभी स्टेशनों पर फीडर बस सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है, ताकि यात्रियों को अंतिम गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा हो।
इस प्रोजेक्ट से सड़क मार्ग की तुलना में यात्रा समय में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है। महाराष्ट्र सरकार ने परियोजना को साढ़े तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) को दी गई है।