

होर्डिंग और मोबाइल टावर के मुद्दे पर केडीएमसी महासभा में हंगामा।
जांच रिपोर्ट आने तक नई अनुमति रोकने की मांग।
महापौर ने बकाया वसूली और अवैध होर्डिंग पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
KDMC General Body Meeting Illegal Hoardings: कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका की जनरल मीटिंग में बुधवार को बिना इजाज़त के होर्डिंग और मोबाइल टावर बनाने के मुद्दे पर तीखी बहस हुई। होर्डिंग मामले की जांच के लिए बनी कमेटी के प्रस्ताव पर सभी पार्टियों के नगरसेवकों ने मनपा प्रशासन को आड़े हाथों लिया। ढाई घंटे तक चली चर्चा के दौरान आरोप-प्रत्यारोप लगे। खास बात यह रही कि इस मुद्दे पर शिवसेना और BJP के पार्षद आमने-सामने आ गए, जिससे हॉल का माहौल गरमा गया।
होर्डिंग मामले की जांच के लिए बनी कमेटी के प्रस्ताव पर पार्षदों ने कड़ी नाराज़गी जताई। पार्षदों ने कमेटी की रिपोर्ट अभी तक जमा न होने पर होर्डिंग लगाने की इजाज़त देने के कदम का विरोध किया। नगरसेवकों ने प्रशासन के काम करने के तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा, "आपने छह महीने लिए, अब हमें एक महीना दीजिए। पहले रिपोर्ट जमा कीजिए, फिर परमिशन दीजिए।" चर्चा में यह सवाल भी उठाया गया कि जांच पूरी होने से पहले फैसला लेने की इतनी जल्दी क्यों है।
इस चर्चा के दौरान BJP नगरसेवक दया गायकवाड़ ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने पूछा कि BJP के प्रदेश अध्यक्ष और MLA रवींद्र चव्हाण का बैनर हटाया गया, तो दूसरे मामलों में यह अलग क्यों है। उन्होंने BJP पदाधिकारियों से भी सवाल किए, जिससे पार्टी सदस्यों के बीच बहस छिड़ गई। इसलिए, होर्डिंग का मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सदन में पार्टी के अंदर मतभेद भी सामने आए।
सदन में हंगामे के बाद ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली महापौर ने इस मामले में अहम निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि जब तक होर्डिंग पर बकाया वसूली पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित परमिशन न दी जाए और बिना इजाज़त के होल्डिंग के खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाए। बिना इजाज़त के होर्डिंग और मोबाइल टावर बनाने के मामलों में संबंधित समय के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
सदन में हंगामे के बाद कल्याण-डोंबिवली महापौर ने इस मामले में अहम निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि जब तक होर्डिंग पर बकाया वसूली पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित परमिशन न दी जाए और बिना इजाज़त के होल्डिंग के खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाए। बिना इजाज़त के होर्डिंग और मोबाइल टावर बनाने के मामलों में संबंधित समय के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।