बिजली कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स ने वेतन और नौकरी की सुरक्षा को लेकर राज्यभर में प्रदर्शन किया।
संगठन के मुताबिक, 26 जिलों के 10 हजार से अधिक कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए।
मांगें पूरी नहीं होने पर 6 नवंबर से काम बंद आंदोलन की चेतावनी दी गई।
Maharashtra Electricity Contract Workers Protest: महाराष्ट्र में बिजली विभाग के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (भारतीय मजदूर संघ) के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में राज्य के 26 जिलों के 10 हजार से अधिक कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया गया है।
कर्मचारियों ने वेतन में गड़बड़ी, नौकरी की सुरक्षा, ठेकेदारों की कथित मनमानी और लंबित आर्थिक लाभों का मुद्दा उठाया। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 6 नवंबर से पूरे राज्य में काम बंद आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन के तहत कल्याण में बिजली विभाग के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी महावितरण के तेजश्री कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। यूनियन के मुताबिक, इस आंदोलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में उचित वेतन, जॉब सिक्योरिटी, सोशल सिक्योरिटी, इंश्योरेंस और सुरक्षित कार्यस्थल शामिल हैं। संगठन का कहना है कि बिजली वितरण जैसे जोखिम भरे क्षेत्र में काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद उन्हें समय पर आर्थिक लाभ और जरूरी सुरक्षा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
यूनियन ने आरोप लगाया है कि कुछ ठेकेदार कर्मचारियों के साथ अन्याय करते हैं। वेतन रिफंड के नाम पर पैसे मांगने और नौकरी से निकालने की धमकी देने जैसी शिकायतों की जांच की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि यदि इस तरह की लिखित शिकायतें मिलती हैं तो संबंधित मामलों की जांच कर दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी की गई है।
यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि विरोध नोटिस में उठाए गए मुद्दों और बातचीत के दौरान बनी सहमति पर निर्धारित समय में लिखित आश्वासन दिया जाए। संगठन के अनुसार, यदि मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो 6 नवंबर से राज्यव्यापी काम बंद आंदोलन शुरू किया जाएगा। ऐसे में महावितरण प्रशासन के सामने कर्मचारियों की मांगों को लेकर जल्द समाधान निकालने की चुनौती है।