Kalyan Railway Station Prostitution Racket Mastermind Arrested: ठाणे पुलिस ने पश्चिम बंगाल के सुदूर इलाके में चार दिनों तक चले एक बेहद गोपनीय अंडरकवर ऑपरेशन के बाद एक बड़ी कामयाबी मिली है। कल्याण रेलवे स्टेशन के बाहर चल रहे संगठित सेक्स रैकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तार किया जा चुका है।
ठाणे जिले के इतिहास में यह पहला ऐसा मामला है, जहां एक संगठित वेश्यावृत्ति सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 'महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम' यानी MCOCA लगाया गया है।
ठाणे पुलिस ने बताया कि वेश्यावृत्ति सिंडिकेट का कथित सरगना तौफीक उर्फ टोपिया सैयद और उसके साथी मीता नारायण बारिक को दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर इलाके से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों ने नदी के किनारे एक संवेदनशील इलाके में पनाह ले रखी थी। स्थानीय भूगोल और संवेदनशीलता को देखते हुए, मुंबई से गई ठाणे पुलिस की विशेष टीम को उन्हें दबोचने से पहले लगातार चार दिनों तक भेष बदलकर (Undercover) रहना पड़ा।
इस मामले में एक अन्य आरोपी प्रशांत गायकवाड़ उर्फ कौवा को महाराष्ट्र के सोलापुर से गिरफ्तार किया गया। तीनों को मंगलवार को हवाई मार्ग से मुंबई लाया गया और कल्याण अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया।
जांच अधिकारी और सहायक पुलिस आयुक्त अशोक होनमाने ने बताया कि इस साल फरवरी में कल्याण के महात्मा फुले पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान इस रैकेट का पता चला। जांच से पता चला कि गिरोह कथित तौर पर मुंबई के कमाठीपुरा से महिलाओं को लाता था और उन्हें कल्याण रेलवे स्टेशन के पास वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करता था।
शुरुआती कार्रवाई के दौरान, ठाणे पुलिस ने 20 महिलाओं को बचाया और देह व्यापार रैकेट चलाने वाली 6 महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया। बाद में एक महिला को रिहा कर दिया गया क्योंकि उसकी संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला।
यह भी पढ़ें:- श्रीकांत शिंदे बनेंगे मोदी सरकार में मंत्री! एकनाथ शिंदे गुट को मिलेंगे 2 बड़े पद, जानें और किसे मिलेगा मौका
पुलिस उपायुक्त अतुल झेंडे ने कहा कि प्रशांत गायकवाड़ की गिरफ्तारी से जांचकर्ताओं को पश्चिम बंगाल में कथित मास्टरमाइंड का पता लगाने में मदद मिली। आरोपी एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट चला रहे थे यह स्थापित किए जाने के बाद मकोका लगाया गया है। इस मामले में अब तक 3 पुरुषों और 5 महिलाओं समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और संभावित अंतर-राज्यीय संपर्कों की भी जांच कर रही है।