ठाणे गणेशोत्सव एकनाथ शिंदे सलाह  सोर्स-X
ठाणे

उत्सव मनाएं, लेकिन दूसरों को परेशानी न हो, ठाणे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की गणेश मंडलों से अपील

Thane Ganeshotsav News: डीजे डॉल्बी विवाद के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गणेशोत्सव मंडलों को दूसरों को परेशानी न पहुंचाने और सामाजिक सौहार्द व परंपरा के साथ त्योहार मनाने की सलाह दी।

रूपम सिंह

Thane Ganeshotsav Eknath Shinde Advice DJ Dolby Ban Controversy: डीजे डॉल्बी पर प्रतिबंध को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गणेशोत्सव मंडलों को सलाह दी है कि इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाये कि त्योहार मनाते समय दूसरों को कोई परेशानी या असुविधा न हो।

उन्होंने कहा कि उत्सव के दौरान संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना चाहिए, उप मुख्यमंत्री शिंदे ने मंडलों से कहा कि गणेशोत्सव केवल झांकियों, सजावट और रोशनी तक सीमित न रहकर इसके माध्यम से सामाजिक जागरूकता, जनचेतना और सामाजिक प्रतिबद्धता को बनाए रखना चाहिए। ठाणे गणेश दर्शन स्पर्धा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन 'राम गणेश गडकरी रंगायतन' में किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद शिंदे संबोधित कर रहे थे।

गणेश उत्सव से तिलक ने समाज को किया एकजुट

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने सार्वजनिक गणेशोत्सव के माध्यम से समाज को एकजुट करने का कार्य किया था। उसी परंपरा के तहत आज गणेश मंडलों द्वारा सामाजिक, पर्यावरण और जन-जागरूकता से जुड़े विषयों पर झांकियां तैयार की जा रही हैं।

मंडल स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस सेवा, जरूरतमंदों की मदद और संकट के समय सहायता के लिए आगे आने का काम भी करते हैं। इसलिए गणेश मंडल सामाजिक जिम्मेदारी निभाने वाले केंद्र बन गए हैं।

त्योहारों में दिखे सामाजिक चेतना, जनजागरूकता

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि उत्सव के जरिए सामाजिक चेतना, जन जागरूकता और सामाजिक जुड़ाव को कायम रखना चाहिए। गणेश दर्शन स्पर्धा के पीछे धर्मवीर आनंद दिघे का यही उद्देश्य था। शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पिछले 37 वर्षों से उनकी इस परंपरा को लगातार कायम रखा है।

शिंदे ने याद दिलाया कि आनंद दिघे ने गणेश दर्शन स्पर्धा के साथ-साथ गणेशोत्सव, दही हांडी और नवरात्रि जैसे त्योहारों को सामाजिक सरोकार से जोड़ा, गणेश मंडलों का दौरा करते समय वे सजावट, थीम और उस पर हुए खर्च की बारीक जानकारी लेते थे।

वे इस बात को भी महत्व देते थे कि मंडलों के कार्यकर्ताओं ने खुद सजावट की है या नहीं। ठाणे गणेश दर्शन स्पर्धा पुरस्कार वितरण समारोह में राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, सांसद नरेश म्हस्के, पूर्व सांसद एवं शिवसेना के प्रमुख संगठक आनंद परांजपे, विधायक रविंद्र फाटक, ठाणे शहर की महापौर शर्मिला पिपलोलकर, अभिनेता अजिंक्य देव, प्राध्यापक प्रदीप ढवल, शिवसेना सचिव संजय मोरे एवं राम रेपाले, ठाणे जिला महिला संगठक मीनाक्षी शिंदे और शिवसेना के सभी जनप्रतिनिधि, प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

त्योहारों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाया

उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने त्योहारों पर लगे प्रतिबंधों को हटाकर गणेश मंडलों के लिए अनुमति और मंडप शुल्क की प्रक्रियाओं को आसान बनाया था।

इसके पीछे उद्देश्य यही था कि हमारी संस्कृति और परंपरा को उत्साहपूर्वक मनाया जा सके। दिघे द्वारा ठाणे में शुरू की गई दही हांडी की परंपरा भी आगे चलकर पूरे महाराष्ट्र में फैली, बिना किसी सत्ता पद के भी अपने सामाजिक कार्यों के कारण उन्हें अपार लोकप्रियता मिली।

शिंदे ने कहा कि गणेश दर्शन स्पर्धा से गणेश मंडलों के युवा कार्यकर्ताओं के नियोजन कौशल, रचनात्मकता और प्रतिभा को एक मंच मिलता है। आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग सहित विभिन्न कौशलों को इससे बढ़ावा मिलता है, इसलिए इन मंडलों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। पुरस्कार जीतने वाले मंडलों को बधाई देते हुए शिंदे ने इस वर्ष पुरस्कार न पाने वाले मंडलों से निराश न होकर लगन और दृढ़ता के साथ अगले वर्ष और बेहतर तैयारी करने का आह्वान किया।

कर्नाटक में ED की बड़ी कार्रवाई, मंत्री सतीश जारकीहोली और सांसद प्रियंका के घर समेत 18 ठिकानों पर छापेमारी

दिल्ली में आज से तोड़ी जाएंगी 27 जर्जर इमारतें, सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन में MCD, मालिकों को भेजा नोटिस

PM मोदी ने जिस रेलवे यूनिवर्सिटी का किया जिक्र, जानिए कहां है, कैसे होता है एडमिशन और कितनी है फीस

रूस-यूक्रेन वॉर खत्म करने में मदद करेगा भारत, मॉस्को-कीव के संपर्क में नई दिल्ली, PM मोदी के प्रयासों पर नजरें

Weather Alert: आज UP-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 60 Kmph तक चलेंगी तेज हवाएं