Thane Collector Public Grievances: प्रशासन चला गांव की ओर योजना की तर्ज पर ठाणे के जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने जिले के शहापुर तालुका के चोंढे गांव में रात में आयोजित की गयी 'घोंगड़ी बैठक' में शामिल होकर गांववालों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने वाली इस अनोखी पहल को गांववालों की तरफ से अच्छा प्रतिसाद भी मिला।
गांव वालों ने निर्भीकता से प्रशासन को अपनी फरियाद सुनाई एवं जिलाधिकारी ने समस्याओं के समाधान को लेकर आश्वस्त किया। शनिवार को दिन भर सरकारी कामकाज निपटाने के बाद, जिलाधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं अलग-अलग विभागों के प्रतिनिधि रात में हुई बैठक में हिस्सा लेने के लिए सीधे गांव पहुंचे।
अधिकारियों ने गांववालों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया, जिलाधिकारी डॉ. पांचाल ने कहा कि कार्यालय में बैठकर फाइलें देखने से ज्यादा जरूरी है गांव में आकर लोगों की परेशानियां समझना, ऐसी बैठके लोकतंत्र को मजबूत करती है। बैठक के बाद प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी डोलखांब इलाके में रुके और स्थानीय समस्याओं की समीक्षा की गयी, गांववालों ने कहा कि चोंढे में 'घोंगडी बैठक' सिर्फ शिकायत दूर करने की पहल नहीं थी, बल्कि प्रशासन लोकाभिमुख व संवेदनशील कार्यपद्धति का एक आदर्श भी है।
बगैर किसी तामझाम के डॉ. पांचाल गांववालों के साथ घोंगड़ी पर बैठे और उनकी समस्याएं सुनीं। गांववालों ने पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और आदिवासी नृत्य के साथ अधिकारियों का स्वागत किया। धोंगड़ी बैठक में गांववालों ने पीने के पानी की समस्या, खराब सड़कें, बिजली सप्लाई, वन अधिकार के दावे, जमीन से जुड़े मुद्दे और अलग-अलग सरकारी योजनाओं का फायदा मिलने में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया।
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जिलाधिकारी ने हर टॉपिक पर ध्यान दिया और संबंधित विभाग को जरूरी निर्देश दिए। इस मौके पर अतिरिक्त जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटिल, निवासी उप जिलाधिकारी डॉ, संदीप माने, भिवंडी के उपविभागीय अधिकारी अमित सानप, तहसीलदार परमेश्वर कासुले और राजस्व विभाग के दूसरे अधिकारी मौजूद थे।