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ठाणे

शराब का लालच देकर बुलाया और गला काट दिया, सबूत के अभाव में चार आरोपी बरी

Thane Murder Case: ठाणे अदालत ने 2022 में हत्या के आरोप में गिरफ्तार चार आरोपियों को बरी किया। अदालत ने कहा, मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था और ठोस सबूत नहीं मिले।

अर्पित शुक्ला

Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने वर्ष 2022 में एक व्यक्ति की हत्या के आरोपी चार लोगों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष का मामला पूरी तरह से परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस. बी. अग्रवाल ने आरोपी प्रवीण रामदास जगताप, राहुल वीरभान सूर्यवंशी, अक्षय लहू पाटिल और अजिंक्य रामदास पाटिल को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या), 120 (बी) (आपराधिक षड्यंत्र), 201 (साक्ष्यों को मिटाने) और 364 (अपहरण) के तहत आरोपों से बरी कर दिया।

यह आदेश 17 अक्टूबर को दिया गया था जिसकी प्रति बृहस्पतिवार को उपलब्ध कराई गई। अभियोजन पक्ष ने कहा था कि अक्षय लहू पाटिल और उनके रिश्तेदार अजिंक्य रामदास पाटिल का पीड़ित मंगेश मारुति पाटिल के साथ पैतृक संपत्ति और बीयर बार खोलने की योजना को लेकर लंबे समय से विवाद था तथा उन्होंने कथित तौर पर प्रवीण रामदास जगताप और राहुल वीरभान सूर्यवंशी को 50 हजार रुपये में उसकी हत्या की सुपारी दी थी।

अभियोजन पक्ष ने बताया कि 13 अप्रैल 2022 को मंगेश को कथित तौर पर शराब का लालच देकर मुरबाद इलाके में बुलाया गया और वहां गला घोंटने के बाद उसका गला काट दिया तथा छह दिन बाद उसका शव बरामद हुआ।

दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने कहा कि मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है और पाया कि हत्या का मकसद यानी - संपत्ति और व्यवसाय संबंधी विवाद - के बारे में साक्ष्य अस्पष्ट थे। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़ित के परिजन कई बार थाने जाने के बावजूद आरोपी के बारे में संदेह जताने में विफल रहे।

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