ठाणे में BJP और महायुति के सहयोगी दलों ने ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ निकाली।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव कार्यक्रम में शामिल हुए।
फडणवीस ने SIR के मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की।
शिवसेना के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, सांसद श्रीकांत शिंदे और अन्य नेता भी पदयात्रा में शामिल हुए।
Devendra Fadnavis Thane Speech: मुम्बई देश के साथ साथ महाराष्ट्र में भी राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज से चल रहीं हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की ओर से 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली आयोजित की जा रही है।
तो दूसरी ओर बीजेपी और उसके सहयोगी दल 'लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा' निकाल रहे हैं। रविवार को ठाणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की उपस्थिति में विशाल पदयात्रा निकाली गई।
पदयात्रा के पहले ठाणे मनपा मुख्यालय के पास महायुती की सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पिछले 55 साल में कांग्रेस की सरकारों में कई बार एसआईआर किया परन्तु अब 2002 के बाद एनडीए सरकार में एसआईआर का विरोध कर स्वयं संविधान का गला घोंटने का काम राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दल कर रहे हैं। उनसे देश को बचाने के लिए हमें सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। बीजेपी की इस पदयात्रा में शिवसेना भी पूरे दमखम के साथ सहभागी हुई। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के,पूर्व सांसद आनंद परांजपे सहित बडी संख्या में कार्यकर्ताओं जमावड़ा रहा।
इस पद यात्रा के माध्यम से बीजेपी ने भी शक्तिप्रदर्शन किया। सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण,वन मंत्री गणेश नाईक, विधायक संजय केलकर, निरंजन डावखरे के साथ जिला अध्यक्ष संदीप लेले सहित सभी नगरसेवक शामिल हुए। इस पदयात्रा में जुटे हजारों कार्यकर्ताओं की वजह से ठाणे की ट्रैफिक पर गंभीर असर हुआ।
बीजेपी की ठाणे शहर इकाई ने कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां की थी,जिले और जिले के बाहर से कार्यकर्ताओं की बड़ी फौज पहुंची। ठाणे महानगरपालिका के पास परमार्थ निकेतन से पदयात्रा शुरू होगी। इसके बाद यात्रा चंदनवाड़ी, अल्मेडा चौक और दगड़ी स्कूल होते हुए तलवपाली पहुंची। यहां पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर स्मारक के सामने पदयात्रा का समापन हुआ।
अराजकता और भीड़तंत्र के खिलाफ बीजेपी ने इस पदयात्रा का आयोजन कर बीजेपी ने विपक्ष को अलग संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक प्रदर्शनों की आड़ में होने वाली हिंसा और अव्यवस्था से आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।