Amit Shah Navi Mumbai (फोटो क्रेडिट-X) 
ठाणे

पंजाब में बढ़ते धर्मांतरण पर अमित शाह का पंजाब सरकार को कड़ा संदेश, खतरे में हैं हिंदू और सिख

Amit Shah Navi Mumbai: नवी मुंबई के खारघर में अमित शाह ने गुरु तेग बहादुर को श्रद्धांजलि दी और पंजाब सरकार से राज्य में हो रहे धर्मांतरण को रोकने की अपील की।

अनिल सिंह

Amit Shah on Aurangzeb: नवी मुंबई के खारघर में गुरु तेग बहादुर की 350वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित 'हिंद-दी-चादर' स्मृति कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मांतरण के मुद्दे पर पंजाब सरकार और समाज को कड़ा संदेश दिया। शाह ने सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर के बलिदान को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने दूसरों के धर्म की रक्षा के लिए अपना शीश कटा दिया, तो आज कुछ लोग "लालच" में आकर अपना धर्म क्यों बदल रहे हैं।

इस भव्य कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे, जिन्होंने मुगल शासक औरंगजेब के काल में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों का जिक्र करते हुए गुरु तेग बहादुर के साहस की सराहना की।

पंजाब में धर्मांतरण पर अमित शाह की अपील

अमित शाह ने अपने संबोधन में सीधा पंजाब की भगवंत मान सरकार और वहां के समाज पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "आज पंजाब में धर्मांतरण की खबरें आ रही हैं। गुरु तेग बहादुर ने अत्याचार सहे, लेकिन धर्म नहीं बदला। अगर हम लालच के कारण धर्म परिवर्तन करते हैं, तो हम अपने महान गुरुओं के सच्चे अनुयायी नहीं कहला सकते।" शाह ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार और वहां के लोगों को मिलकर इस चलन को रोकना होगा, क्योंकि यह उन बलिदानों का अपमान है जिन्होंने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान दी।

औरंगजेब की चुनौती और गुरु का बलिदान

मुगल इतिहास का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब औरंगजेब कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कर रहा था, तब गुरु तेग बहादुर उनके लिए सुरक्षा कवच बनकर खड़े हुए। औरंगजेब ने इसे चुनौती के रूप में लिया और गुरु के साथियों को मार डाला, लेकिन गुरु विचलित नहीं हुए। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर गुरु तेग बहादुर ने उस वक्त हिंदू धर्म को बचाने के लिए बलिदान न दिया होता, तो आज दुनिया में एक भी हिंदू नहीं बचता।" उन्होंने कश्मीरी पंडितों द्वारा गुरु के प्रति व्यक्त किए जाने वाले उच्च सम्मान का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी घेरा 'जबरन धर्मांतरण' को

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस अवसर पर औरंगजेब के समय हुई क्रूरता का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब औरंगजेब हिंदुओं का जबरन धर्मांतरण कर रहा था, तब समाज को केवल गुरु तेग बहादुर साहेब में ही आशा की किरण दिखी थी। फडणवीस ने कहा कि गुरुजी ने अमानवीय प्रताड़ना सहने के बाद भी धर्म त्यागने से इनकार कर दिया और शहीद हो गए। यह स्मृति कार्यक्रम न केवल गुरुजी को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बना, बल्कि वर्तमान राजनीति में धर्मांतरण विरोधी चर्चा का केंद्र भी बन गया।

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