AIMIM सहर शेख (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
ठाणे

कैसा हराया...AIMIM पार्षद सहर शेख की बढ़ी मुश्किलें, OBC का बनाया फर्जी सर्टिफिकेट! पद पर मंडराया खतरा

Sahar Shaikh AIMIM: ठाणे की AIMIM पार्षद सहर शेख मुश्किल में। फर्जी OBC प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ने का आरोप। जांच रिपोर्ट में गाजियाबाद का मूल निवास और विसंगतियां उजागर।

प्रिया जैस

AIMIM Fake Caste Certificate Controversy: महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान अपनी बयानबाजी से सुर्खियों में आयी AIMIM की पार्षद अब मुश्किल में पड़ गई है। सोशल मीडिया पर अपने डायलॉग के कारण चर्चा में रहीं AIMIM पार्षद सहर शेख अब एक नए विवाद में घिर गई हैं। सहर शेख पर फर्जी OBC जाति प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ने का आरोप लगाया गया है, जिससे उनके पार्षद पद पर खतरा मंडरा रहा है।

सहर शेख पर यह आरोप सिद्दीकी फरहा शबाब अहमद की ओर से लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि सहर शेख के पिता युनूस इकबाल शेख ने गलत जानकारी देकर उनका OBC जाति प्रमाणपत्र हासिल किया है। मिली जानकारी के अनुसार, बताया जा रहा है कि यह प्रमाणपत्र मुंबई शहर जिला अधिकारी कार्यालय से जारी हुआ था, लेकिन जांच में इसकी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जांच में सामने आई विसंगतियां

इस मामले में ठाणे तहसीलदार कार्यालय की रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, सहर शेख का प्रमाणपत्र निर्धारित सरकारी प्रारूप के अनुरूप नहीं पाया गया। उनके शैक्षणिक दस्तावेजों में और जन्मस्थान में अंतर पाया गया। परिवार का मूल निवास उत्तर प्रदेश (गाजियाबाद) बताया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कथित रूप से गलत जानकारी देकर OBC प्रमाणपत्र हासिल किया गया।

कार्रवाई की सिफारिश

इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने सहर शेख का जाति प्रमाणपत्र रद्द करने की सिफारिश की। साथ ही संबंधित लोगों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। मामले को उच्च अधिकारियों और जांच एजेंसियों को सौंपने की मांग की।

सियासी बयानबाजी हुई तेज

इस पूरे मामले पर जावेद सिद्दीकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सहर शेख का परिवार मूल रूप से गाजियाबाद का है और उन्हें महाराष्ट्र में OBC प्रमाणपत्र नहीं मिलना चाहिए था।

पद पर मंडराया संकट

हाल ही में ठाणे महानगरपालिका चुनाव जीतने वाली सहर शेख के लिए यह मामला कानूनी और राजनीतिक रूप से गंभीर बनता जा रहा है। अगर जाति प्रमाणपत्र को लगे आरोप सही साबित होते हैं, तो उनका पार्षद पद रद्द हो सकता है और आगे कानूनी कार्रवाई भी संभव है। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और अंतिम फैसला प्रशासनिक स्तर पर लिया जाएगा।

Weather Update: 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-UP समेत कई जगह 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

1 सितंबर से बदल गए कई बड़े नियम; LPG, कार, दूध से लेकर ITR तक, जानें जेब पर क्या होगा असर

राहुल गांधी पर FIR से उत्तराखंड में सियासी घमासान, सचिवालय घेरने की तैयारी में कांग्रेस, धामी ने किया पलटवार

25 साल पुराना जल विवाद खत्म? बिहार-झारखंड में सोन नदी के पानी को लेकर हुआ बड़ा समझौता

8.86 एकड़ जमीन मामले में हेमंत सोरेन का बड़ा कदम, पीएमएलए कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती