PM मोदी व सुप्रिया सुले (फोटो- सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

Modi कैबिनेट में मंत्री बनेंगी सुप्रिया सुले? कांग्रेस नेता के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में आया भूचाल

Congress नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि अगर Ajit Pawar और Sharad Pawar के नेतृत्व वाले NCP गुटों के घोषणापत्र एक जैसे हैं, तो यह कहा जा सकता है कि वे एकजुट हो गए हैं। बयान से सियासी हलचल बढ़ गई है।

सौरभ शर्मा

Maharashtra Politics News: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने एक ऐसा दावा किया है जिसने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि एनसीपी के दोनों गुट फिर से एक हो रहे हैं और जल्द ही सुप्रिया सुले केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बन सकती हैं। पुणे नगर निगम चुनाव के लिए जारी साझा घोषणापत्र ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।

वडेट्टीवार ने यह बयान पुणे नगर निगम चुनावों के लिए अजित पवार और सुप्रिया सुले द्वारा एक संयुक्त घोषणापत्र जारी करने के बाद दिया। उनका कहना है कि जब दोनों गुटों के घोषणापत्र और वादे एक जैसे हैं, तो यह मान लेना चाहिए कि वे भीतर से एक हो चुके हैं। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पुनर्मिलन किसी विचारधारा या कार्यकर्ताओं के हित के लिए नहीं, बल्कि केवल सत्ता सुख भोगने के लिए किया जा रहा है।

सत्ता का मोह या विचारधारा?

कांग्रेस विधायक दल के नेता ने एनसीपी और शरद पवार गुट के बीच बढ़ती नजदीकियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली मुद्दा यह है कि यह मिलन किस वजह से हो रहा है। वडेट्टीवार ने साफ लफ्जों में कहा कि अगर एनसीपी और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के घोषणापत्र एक समान हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि वे एकजुट हो गए हैं। उनके अनुसार, जुलाई 2023 में हुए विभाजन के बाद अब दोनों गुटों का एक मंच पर आना केवल राजनीतिक सुविधा का खेल नजर आ रहा है, जिसमें कार्यकर्ताओं की भावनाओं की कोई कद्र नहीं है।

दिखावटी लड़ाई का सच

कांग्रेस नेता ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एक और बड़ा दावा किया। उनके मुताबिक, सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि एनसीपी (शरदचंद्र पवार) गुट के नेता रोहित पवार को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, जबकि बारामती से सांसद सुप्रिया सुले को केंद्र सरकार में जगह मिलने की संभावना है। इसके अलावा, वडेट्टीवार ने अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी और शिवसेना के बीच चल रही तनातनी को महज एक नाटक बताया। उन्होंने इसे 'दिखावटी लड़ाई' करार देते हुए कहा कि आज भले ही ये दल आपस में झगड़ रहे हों, लेकिन कल सत्ता के लिए फिर गले मिल लेंगे। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ अस्थायी है और अंत में सभी का मकसद केवल सत्ता में बने रहना है।

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