Who is Jyoti Waghmare And Rohit Tilak (फोटो क्रेडिट-X) 
सोलापुर

जानें कौन हैं ज्योति वाघमारे और रोहित तिलक, जिन्हें एकनाथ शिंदे ने बनाया राज्यसभा का उम्मीदवार

Who is Jyoti Waghmare And Rohit Tilak: जानें एकनाथ शिंदे के राज्यसभा उम्मीदवार ज्योति वाघमारे और रोहित तिलक की पूरी प्रोफाइल। तिलक की विरासत और दलित चेहरे से फंसा चुनावी पेंच।

अनिल सिंह

Eknath Shinde Masterstroke Rajya Sabha: महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सबको चौंका दिया है। शिवसेना की ओर से ज्योति वाघमारे और रोहित तिलक को मैदान में उतारना एक सोची-समझी रणनीतिक चाल मानी जा रही है। इन दोनों चेहरों के माध्यम से शिंदे गुट ने न केवल सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है, बल्कि विपक्षी खेमे में सेंधमारी का एक मजबूत आधार भी तैयार किया है। जहां एक ओर ज्योति वाघमारे पार्टी की प्रखर वक्ता के रूप में उभरी हैं, वहीं रोहित तिलक के नाम के साथ एक महान ऐतिहासिक विरासत जुड़ी हुई है।

इन दोनों उम्मीदवारों के चयन ने महाविकास आघाड़ी (MVA) के भीतर, विशेष रूप से शरद पवार की उम्मीदवारी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शिंदे का यह 'मास्टरस्ट्रोक' आगामी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दलित समाज और पुणे की सांस्कृतिक विरासत को एक साथ प्रतिनिधित्व देकर मुख्यमंत्री ने राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ को और अधिक सुदृढ़ करने का संकेत दिया है। इन दोनों उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और उनकी ताकत ने इस राज्यसभा चुनाव को अब पूरी तरह से दिलचस्प बना दिया है।

सोलापुर की तेजतर्रार दलित नेता: ज्योति वाघमारे

ज्योति वाघमारे सोलापुर की रहने वाली हैं और लंबे समय से शिवसेना (शिंदे गुट) की आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में सक्रिय हैं। वे दलित वर्ग से आती हैं और अपनी प्रखर वक्तृत्व शैली के लिए जानी जाती हैं। ज्योति वाघमारे ने सोशल मीडिया और टीवी डिबेट्स में विपक्षी नेताओं, विशेषकर उद्धव गुट की सुषमा अंधारे को कड़ी टक्कर देकर पार्टी के भीतर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें राज्यसभा का टिकट देकर न केवल उनके समर्पण को सराहा है, बल्कि सोलापुर और आसपास के जिलों के दलित मतदाताओं को भी एक बड़ा संदेश दिया है कि पार्टी उनके प्रतिनिधित्व को लेकर गंभीर है।

लोकमान्य तिलक की विरासत: रोहित तिलक का सफर

दूसरे उम्मीदवार रोहित तिलक का नाम इस चुनाव का सबसे बड़ा 'सरप्राइज' साबित हुआ है। रोहित तिलक महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के परपोते हैं और पुणे की राजनीति का एक बड़ा चेहरा माने जाते हैं। रोचक बात यह है कि रोहित तिलक लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं और उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़े हैं। उन्हें शिवसेना की ओर से राज्यसभा भेजना मुख्यमंत्री शिंदे की पुणे के ब्राह्मण समाज और राष्ट्रवादी विचारधारा वाले मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की एक बड़ी कूटनीति है। रोहित की उम्मीदवारी से पुणे संभाग में शिवसेना का आधार और मजबूत होने की संभावना है।

शरद पवार के सामने कड़ी चुनौती और वोटों का गणित

रोहित तिलक और ज्योति वाघमारे को मैदान में उतारकर एकनाथ शिंदे ने सातवीं सीट के लिए मुकाबला अनिवार्य कर दिया है। रोहित तिलक की उम्मीदवारी सीधे तौर पर शरद पवार के लिए चुनौती है, क्योंकि शिंदे को इस दूसरी सीट को जीतने के लिए केवल 9 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री को भरोसा है कि निर्दलीय विधायकों और विपक्षी दलों के असंतुष्ट सदस्यों के समर्थन से वे अपने दोनों उम्मीदवारों को संसद भेज पाएंगे। यदि ऐसा होता है, तो यह महाविकास आघाड़ी की एकता के लिए एक बड़ा झटका होगा और राज्यसभा चुनाव निर्विरोध होने के बजाय एक ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में दर्ज किया जाएगा।

DUSU Election Result 2026 LIVE: वोटों की गिनती जारी, ABVP-NSUI में कांटे की टक्कर; हर अपडेट यहां

ट्रंप ने H-1B फीस को 12 महीने के लिए बढ़ाया, जानिए भारत के लोगों पर क्या पड़ेगा असर ?

कमर्शियल जहाज को निशाना बनाने का मुद्दा फिर UN में उठा, मनमाने दखल पर जताई चिंता; नाविकों की मौत पर सवाल

सरकारी नौकरी की ओर बढ़े कदम, 20वें रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे PM मोदी

Weather Update: राजस्थान से मानसून की विदाई के संकेत, अंडमान समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट