तुलशी गांव के किसानों ने फूल-माला और नारियल देकर सर्वे टीम का स्वागत किया।
भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा, बची हुई कृषि भूमि के लिए सिंचाई के पानी की मांग।
शक्तिपीठ हाईवे विरोधी संघर्ष समिति ने सोलापुर कलेक्टरेट पर विरोध मार्च निकालने का फैसला लिया।
Tulshi Farmers Welcome Shaktipeeth Expressway Survey Team: महाराष्ट्र में ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण को लेकर कई जगहों पर विरोध हो रहा है, वहीं सोलापुर जिले से एक सकारात्मक और अनूठी तस्वीर सामने आई है। सोलापुर जिले की माढा तहसील के तुलशी गांव में सूखाग्रस्त किसानों ने भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों का विरोध करने के बजाय फूल-मालाएं पहनाकर और नारियल भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे सर्वेक्षण के लिए आई प्रशासनिक टीम और तुलशी गांव के किसानों के बीच दिखा यह तालमेल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। किसानों के इस सहयोगात्मक रवैये से सर्वेक्षण का काम बिना किसी बाधा के पूरा हुआ।
सर्वेक्षण प्रक्रिया के दौरान उपस्थित नायब तहसीलदार विजय कावडे ने कहा कि शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे सर्वे के दौरान प्रशासन और स्थानीय किसानों के बीच बेहतर समन्वय होना बेहद जरूरी है। तुलशी गांव के किसानों ने सर्वे के समय खुद मौजूद रहकर जो सहयोग दिखाया है, वह काबले-तारीफ है। इसने यह संदेश दिया है कि संवाद और स्थानीय भागीदारी के जरिए सरकारी काम को बिना विवाद के आगे बढ़ाया जा सकता है।
यह पूरी प्रक्रिया सोलापुर कलेक्टर एस. कार्तिकेयन के मार्गदर्शन में माढा के उप-विभागीय अधिकारी और तहसीलदार की देखरेख में चलाई जा रही है। जब किसानों ने अधिकारियों का स्वागत किया, तब मौके पर टेंभूर्णी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालू भरणे, नायब तहसीलदार विजय कावडे, सर्कल ऑफिसर, तलाठी और कृषि अधिकारी मौजूद थे।
तुलशी गांव के किसान प्रमोद वसेकर ने कहा कि हमारा गांव भीषण सूखे की मार झेल रहा है, इसलिए किसानों ने शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे परियोजना का स्वागत किया है। हालांकि, हमारी सरकार से दो मुख्य मांगें हैं। पहली मांग है कि जिनकी जमीन जा रही है उनके लिए वैकल्पिक जमीन का प्रबंध किया जाए और दूसरा, हमारी बची हुई खेती योग्य भूमि के लिए सीना-माढा योजना से सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाए।
बता दें कि सोलापुर जिले के तुलशी गांव में एक पोस्टर वायरल हुआ था, जिस पर लिखा था 'गांव बिकाऊ है।' ये शब्द उन निवासियों के गुस्से, तंज और गहरी बेचैनी को जाहिर करते हैं जो दशकों से सिंचाई के पानी का इंतजार कर रहे हैं। सरपंच शरद मोरे ने कहा था कि जो कोई भी हमारा गांव खरीदना चाहता है, वह आगे आ सकता है।
शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा, जिसकी लंबाई लगभग 856 किलोमीटर होगी। यह नागपुर संभाग के वर्धा जिले के पवनार से शुरू होकर महाराष्ट्र के गोवा की सीमा पर सिंधुदुर्ग जिले के पात्रादेवी को जोड़ेगा। यह महामार्ग 13 जिलों से होकर गुजरेगा।
एक तरफ जहां तुलशी गांव में शांतिपूर्ण ढंग से सर्वे का काम संपन्न हुआ, वहीं दूसरी ओर शक्तिपीठ हाईवे विरोधी संघर्ष समिति ने परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कोल्हापुर में आयोजित एक राज्य स्तरीय बैठक के दौरान समिति ने पंढरपुर और आसपास के गांवों में कथित जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ सोलापुर जिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।
इस बैठक में विधायक जयंत पाटिल, एमएलसी सतेज पाटिल, पूर्व सांसद राजू शेट्टी और समन्वयक गिरीश फोंडे समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। समिति ने अगले 8 दिनों के भीतर सोलापुर में विरोध प्रदर्शन करने और राज्य भर के किसानों को एकजुट करने का निर्णय लिया है।