Devendra Fadnavis Vitthal Pooja: आषाढी एकादशी के पावन अवसर पर पंढरपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी पत्नी अमृता फडणवीस के साथ भगवान विठ्ठल और माता रुक्मणी की शासकीय महापूजा की। इस पूजा में मुख्यमंत्री के साथ धाराशिव के विशेष वारकरी दंपति माधव माने अपनी पत्नी प्रभावती के साथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य की सुख-समृद्धि, किसानों, वारकरियों और सभी नागरिकों के कल्याण के साथ ही अच्छी बारिश की प्रार्थना की। यह महापूजा महाराष्ट्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
सीएम फडणवीस ने बतायसा कि श्रीक्षेत्र पंढरपुर में भगवान विट्ठल और माता रुक्मिणी की शासकीय महापूजा और अभिषेक किया और भगवान के चरणों में महाराष्ट्र की खुशहाली, किसानों की खुशहाली और हर नागरिक के शुभ जीवन के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आषाढ़ी एकादशी लाखों वारकरियों की आस्था, भक्ति और विट्ठल नाम के लगातार जाप का त्योहार है। आज श्रीक्षेत्र पंढरपुर में मुझे सपत्निक भगवान विट्ठल और रुक्मिणी माता की महापूजा करने का सौभाग्य मिला। भगवान विट्ठल के चरणों में खड़े होने का हर पल शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
आषाढी वारी केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। संत ज्ञानेश्वर और तुकाराम महाराज की पालकियों के साथ हजारों वारकरी पैदल यात्रा कर पंढरपुर पहुंचते हैं। विठ्ठल नाम के जयघोष, अभंग और ताल-मृदंग की धुन से पूरा पंढरपुर भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है। आषाढ़ी एकादशी पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और दर्शन के विशेष इंतजाम किए।
इस साल आषाढ़ी वारी ने नया कीर्तिमान रचा है। भक्तों की लाइन 25 किलोमीटर से ज्यादा लंबी हो गई है। सभी भक्तों का बहुत अच्छा इंतजाम किया गया है। भक्त विट्ठल का नाम लेते हुए दर्शन कर रहे हैं। दुनिया में ऐसा कोई दूसरा खुशी का त्योहार नहीं है, जहां लाखों भक्त बिना किसी बुलावे के अपने विठुराया के दर्शन के लिए पैदल निकल पड़ते हैं।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पंढरपुर में सम्मानित वारकरी दंपति बालासाहेब माने और प्रभावती माने का सम्मान किया। उन्होंने 'श्री विट्ठल निर्मल दिंडी अवॉर्ड 2026' भी दिया। सीएम फडणवीस ने कहा कि हर साल लाखों भक्त भगवान पांडुरंग के दर्शन के लिए पंढरपुर आते हैं। भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए, ज्यादा बड़ी जगह और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना समय की जरूरत है। इस बारे में, पंढरपुर मंदिर कॉरिडोर का काम इसी साल शुरू किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद दर्शन व्यवस्था सुविधाजनक, सुव्यवस्थित और आसान हो जाएगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कि वारकरी की सेवा को विट्ठल सेवा मानते हुए, राज्य सरकार ने इस साल किसानों के लोन माफ करने और उन्हें फ्री बिजली देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस मौके पर मंत्री गिरीश महाजन, मंत्री जयकुमार गोरे, मंत्री आकाश फुंडकर, MLA समाधान अवताड़े, विट्ठल रुक्मिणी मंदिर समिति के को-चेयरमैन गहिनीनाथ महाराज औसेकर और दूसरे बड़े लोग मौजूद थे।