आषाढ़ी वारी में विठ्ठलमय हुए CM फडणवीस, वारकरियों संग हुए मगन, 8 तस्वीरों में देखें भक्ति और श्रद्धा का सफर
Devendra Fadnavis Ashadhi Wari: सोलापुर में आषाढ़ी वारी के दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस विठ्ठल भक्ति में लीन नजर आए। वारकरियों संग पदयात्रा से लेकर संत तुकाराम व ज्ञानेश्वर महाराज की पादुका दर्शन तक, देखें 8 तस्वीरों में यह खास सफर।
आषाढ़ी वारी में देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: ण्आई फोटो)
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सोलापुर के दसुरपाटी में जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज और संत ज्ञानेश्वर महाराज की पादुकाओं के दर्शन किए। उन्होंने माऊली के पावन रथ के सामने नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। यह क्षण उनके लिए आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा से भरा था।
भक्ति के इस महाकुंभ में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री ने वारकरियों के साथ पैदल चलकर वारी का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। वे संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। वारकरियों के बीच उनकी मौजूदगी ने इस यात्रा के उत्साह को और बढ़ा दिया।
पूरी वारी के दौरान ज्ञानबा तुकाराम और विठ्ठल-विठ्ठल का गूंजता हुआ जयघोष मन को एक अलग ही दुनिया में ले जा रहा था। लाखों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा और उनके चेहरों का संतोष देख मुख्यमंत्री का मन भी विठ्ठलमय हो गया। यह माहौल भक्ति के रंगों से सराबोर था।
मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया कि वारी में चलने वाले हर वारकरी में उन्हें माऊली का जीवंत स्वरूप नजर आता है। इस पावन यात्रा में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है और यह अनुभव उनके जीवन की अनमोल पूंजी बन गया है। भक्ति का यह आनंद शब्दों से परे है।
पंढरी की वारी केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, समानता और भक्ति का एक अखंड उत्सव है। यहाँ हर कोई भेदभाव भूलकर केवल सेवाभाव और प्रेम के साथ आगे बढ़ता है। वारकरी संप्रदाय का यही प्रेम समाज को निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है।
वारी में चलते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने माऊली से राज्य में अच्छी बारिश और सभी की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कामना की कि महाराष्ट्र का हर नागरिक सुखी, संपन्न और सुरक्षित रहे। संतों के चरणों में उन्होंने पूरे राज्य के कल्याण की अर्जी लगाई।
इन तस्वीरों में झलकती श्रद्धा और आनंद को देखकर किसी का भी मन वारी में शामिल होने के लिए व्याकुल हो उठेगा। विठ्ठल नाम की धुन में तल्लीन होकर जीवन की सार्थकता का अनुभव करना वाकई अद्वितीय है। यह एक ऐसा आध्यात्मिक सफर है जिसे हर व्यक्ति को जीवन में एक बार जरूर जीना चाहिए।