शक्तिपीठ महामार्ग (सौ. सोशल मीडिया ) 
महाराष्ट्र

MSRDC का बड़ा फैसला, शक्तिपीठ महामार्ग के 280 किमी अलाइनमेंट में बदलाव

Maharashtra News: स्थानीय विरोध के चलते MSRDC ने नागपुर-गोवा शक्तिपीठ महामार्ग के संरेखण में बड़ा बदलाव किया है। अब यह 840 किमी लंबा होगा और सांगली-कोल्हापुर से नहीं गुजरेगा।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: एमएसआरडीसी द्वारा नागपुर से गोवा तक शक्तिपीठ महामार्ग का निर्माण किया जाना है। हालांकि, सांगली, कोल्हापुर और सिंधुदुर्ग के स्थानीय लोगों ने इस महामार्ग का कड़ा विरोध किया है।

इसी विरोध के मद्देनजर राज्य सरकार के निर्देश पर एमएसआरडीसी ने शक्तिपीठ महामार्ग के संरेखण (अलाइनमेंट) में बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 803 किमी लंबे प्रस्तावित महामार्ग में से करीब 280 किमी के संरेखण में बदलाव किया गया है।

संशोधित संरेखण के अनुसार अब यह महामार्ग 803 किमी से बढ़कर सीधे 840 किमी लंबा हो गया है। यह महाराष्ट्र का अब तक का सबसे लंबा महामार्ग होगा। संशोधित संरेखण का प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को भेजा जाएगा। एमएसआरडीसी ने मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र को कोकण से जोड़ने के उद्देश्य से शक्तिपीठ महामार्ग । बनाने का निर्णय लिया है। यह महामार्ग 12 जिलों से र होकर गुजरने वाला था।

अब सांगली और कोल्हापुर से नहीं गुजरेगा यह हाईवे

महामार्ग के काम के तहत संयुक्त नापजोख का कार्य फिलहाल जारी है, जिसमें 60 प्रतिशत नापजोख का कार्य पूरा हो चुका है। एमएसआरडीसी के अनुसार 803 किमी में से लगभग 280 किमी के संरेखण में बदलाव किया गया है। सोलापुर के आगे के हिस्से में संरेखण बदला गया है।

अब इस महामार्ग में सातारा जिला भी शामिल किया गया है और सातारा के कुछ हिस्सों से महामार्ग गुजरेगा, इसके अलावा, चंदगढ़ और आजरा क्षेत्र से महामार्ग ले जाया जाएगा, जबकि पहले सांगली और कोल्हापुर के जिन हिस्सों से महामार्ग गुजरने वाला था, अब वहां से यह महामार्ग नहीं जाएगा।

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