राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे (pic credit; social media) 
महाराष्ट्र

अबकी बार ठाकरे बंधु 100 के पार! उद्धव गुट का सर्वे जारी, MNS की कितनी सीटें?

BMC Election: ठाकरे परिवार के सामने BMC पर सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है। शिवसेना (UBT) ने मुंबई में एक सर्वेक्षण जिसमें लोगों ने दावा किया है कि गठबंधन से ठाकरे ब्रदर्स को 100 से अधिक सीटें मिलेगी।

सोनाली चावरे

BMC Election: मुंबई नगर निगम चुनाव की तैयारियों में सभी दल जुटे हुए हैं। शिवसेना में हुई फूट के बाद, उद्धव ठाकरे के सामने सत्ता बचाए रखने की चुनौती है। इसके लिए उन्होंने मनसे को साथ लेने की तैयारी दिखाई है।

मुंबई महानगरपालिका चुनावों के लिए सभी दल कमर कस रहे हैं। पिछले ढाई दशकों से शिवसेना मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर काबिज है। चर्चा है कि एशिया की सबसे अमीर महानगरपालिका पर अपनी पकड़ के चलते शिवसेना लगातार आर्थिक रूप से मज़बूत होती जा रही है।लेकिन तीन साल पहले शिवसेना में विभाजन हो गया और अब ठाकरे परिवार के सामने मुंबई नगर निगम पर सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है।

उद्धव गुट ने कराया सर्वेक्षण

सत्ता बरकरार रखने के लिए ठाकरे की शिवसेना ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को साथ लेने की तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन राज ने अभी तक उद्धव को कोई जवाब नहीं दिया है। इसी पृष्ठभूमि में, शिवसेना (UBT) ने मुंबई में एक सर्वेक्षण कराया है। 2017 में हुए मुंबई नगर निगम चुनाव में शिवसेना ने 84 सीटें जीती थीं। इनमें से आधे से अधिक पूर्व नगरसेवक ठाकरे छोड़कर शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं।

ठाकरे ब्रदर्स 100 से अधिक सीटें जीत सकते है

भाजपा और शिंदे सेना ने मुंबई में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर उद्धव ठाकरे मनसे को साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं। शिवसेना उभाठा ने यह जानने के लिए एक सर्वेक्षण कराया है कि यदि ठाकरे बंधुओं ने गठबंधन कर लिया तो क्या स्थिति होगी। 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली में आयोजित विजयी रैली के बाद शिवसेना उभाठा द्वारा मुंबई में एक सर्वेक्षण कराया गया। सर्वेक्षण के आकड़ों से पता चला है कि यदि दो भाई मिलकर चुनाव लड़ें तो वे 100 से अधिक सीटें जीतेंगे।

2012 में मनसे ने जीती थीं 28 सीटें

मनसे को 25 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान है। मुंबई में 2012 के नगर निगम चुनावों में मनसे ने 28 सीटें जीती थीं। यह मुंबई नगर निगम में मनसे का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। यदि मनसे युवाओं को साथ ले चलने वाली पार्टी के साथ गठबंधन बनाती है, तो वह अपनी सर्वोच्च उपलब्धियों के करीब पहुंच सकती है। 2017 के चुनावों में एकजुट शिवसेना ने 84 और भाजपा ने 82 सीटें जीती थीं। जबकि मनसे को सिर्फ 7 सीटें मिली थीं। अनुमान है कि अगर ठाकरे बंधु साथ आ गए तो 100 से ज़्यादा सीटें जीतेंगे। बहुसंख्यक मराठी मतदाता के अनुसार, गिरगांव, मझगांव, ताड़देव, लालबाग, परेल, भोईवाड़ा, दादर, माहिम, जोगेश्वरी, बांद्रा, मगाठाणे, गिरगांव, मुलुंड पूर्व, भांडुप में मराठी मतदाता ठाकरे बंधुओं की पार्टियों को कंजुरमार्ग और विक्रोली जैसे इलाकों में सफलता मिल सकती है। इससे शिंदे की सेना को सबसे ज़्यादा नुकसान होगा।

गठबंधन नहीं किया तो दोनों को होगा नुकसान

अगर ठाकरे बंधु गठबंधन नहीं करते हैं, तो इससे दोनों ठाकरे परिवार को नुकसान होगा। राज की मनसे केवल 10 सीटें जीत सकती है। जबकि उद्धव की पार्टी के 65 सीटें जीतने की संभावना है। मुंबई महानगरपालिका में कुल 227 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए 114 सीटों का आंकड़ा छूना ज़रूरी है।

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