रायगढ़ जिला परिषद (सौ. सोशल मीडिया ) 
रायगड

Maharashtra News: रायगढ़ में अंदरूनी लड़ाई भारी पड़ी, भाजपा-शिंदे गुट को नुकसान

Raigad District की 10 नगर पालिकाओं के चुनाव में महायुति की आपसी खींचतान सत्ताधारी दलों पर भारी पड़ी। अंदरूनी संघर्ष का फायदा विपक्ष को मिला और कई दिग्गजों को हार झेलनी पड़ी।

अपूर्वा नायक

Raigad News In Hindi: रायगढ़ जिले में हुए 10 नपा चुनावों में स्थापित पार्टियों को झटका लगा है। श्रीवर्धन और महाड में कांग्रेस पार्टी अजित पवार ग्रुप से, उरण और कर्जत में भाजपा से और मुरुड में शिवसेना शिंदे ग्रुप से हार का सामना करना पड़ा।

महायुति में मतभेद इस हार का सबसे बड़ा कारण माने जा रहे हैं। जिले में 10 नपाओं, यानि अलीबाग, पेन, रोहा, मुरुड, जंजीरा, श्रीवर्धन, खोपोली, उरण, कर्जत और माथेरान नपा के लिए चुनाव हुए थे। इन चुनावों के मौके पर महायुति की घटक पार्टियां आमने-सामने थीं।

विपक्ष की चुनौती की बजाय, सत्ताधारी पार्टियों के बीच झगड़े चुनावों के केंद्र में रहे। दस नगर पालिकाओं में से, एनसीपी अजित पवार ग्रुप ने 3 नगर पालिकाएं जीतीं, शिवसेना शिंदे ग्रुप ने 3 नगर पालिकाएं जीतीं, भाजपा ने 1, शेकाप ने 1, एनसीपी शरद पवार ग्रुप ने 1 और शिवसेना उद्धव ठाकरे ग्रुप ने 1 नगर पालिका जीती।

पेन से भाजपा के प्रीतम पाटिल जीते

रोहा से एनसीपी अजित पवार ग्रुप की वनश्री शेडगे, मुरुड जंजीरा से आराधना दांडेकर और कर्जत से पुष्पा दगड़े नगर अध्यक्ष चुनी गईं, माथेरान से शिवसेना शिंद ग्रुप के चंद्रकांत चौधरी, खोपोली से कुलदीपक शेंडे और महाड से सुनील कविस्कर जीते, जबकि भाजपा सिर्फ़ एक नगर पालिका जीत सकी। पेन से भाजपा के प्रीत्तम पाटिल जीते, उरण और कर्जत मे उनके उम्मीदवारों को हार का सामना करन पड़ा। शेकाप के अक्षय नाईक अलीबाग से नगर अध्यक्ष चुने गए। महाविकास आघाड़ के समर्थन से उरण से एनसीपी शरद पवान ग्रुप की भावना घाणेकर चुनी गई। वहीं शिवसेना उद्धव ठाकरे ग्रुप के अतुल चौगुले ने अदिति तटकरे के चुनाव क्षेत्र में श्रीवर्धन नगर पालिका जीती।

सुनील और अदिति तटकरे को नहीं मिली कामयाबी

श्रीवर्धन और महाड नगर पालिका हारने से सांसद सुनील तटकरे और अदिति तटकरे को बड़ा झटका ब्लगा है। उरण और कर्जत में हार से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। मुरुड जंजीरा नगर पालिका में हार से शिवसेना शिंदे ग्रुप के विधायक महेद्र दलवी को बड़ा झटका लगा है।

महायुति में मतभेद इस हार का कारण बदने। असल में, जब विरोधी पार्टियों का सपोर्ट कम हो रहा था, तो महायुति के पास जिले की पॉलिटिक्स पर मजबूत पकड़ बनाने का मौका था, हालांकि, अंदरूनी विरोध के कारण महायुति के घटक दल एक-दूसरे के खलाफ लड़े जिसकी वजह से उरण, श्रीवर्धन और अलीबाग में महाविकास आघाडी बनी।

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