Raigad Whale Ambergris Seizure: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में तटीय सुरक्षा गश्त के दौरान अलीबाग पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने थल गांव के चलमाला जेटी के पास से 33 वर्षीय एक मछुआरे को गिरफ्तार कर उसके पास से 4 किलोग्राम दुर्लभ 'एम्बरग्रीस' (व्हेल की उल्टी) बरामद की है। जब्त की गई इस एम्बरग्रीस की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये आंकी गई है।
रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक (SP) अंचल दलाल के निर्देशों पर तटीय लैंडिंग पॉइंट्स पर बढ़ाई गई विशेष गश्त के दौरान यह कार्रवाई की गई। आरोपी की पहचान थल गांव निवासी राहुल पंढरीनाथ हतानी के रूप में हुई है।
अलीबाग के सीनियर इंस्पेक्टर प्रवीण पांडे के अनुसार, 27 जुलाई की देर रात करीब 1:30 बजे गश्त कर रही पुलिस और होम गार्ड्स की संयुक्त टीम ने चलमाला जेटी के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में स्कूटर चलाते देखा। जब पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ की तो वह घबरा गया और टालमटोल वाले जवाब देने लगा।
शक होने पर जब उसकी स्कूटी की डिक्की की तलाशी ली गई, तो उसमें से एक कपड़े के बैग में लिपटा हुआ 4 किलो एम्बरग्रीस बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के साथ-साथ उसकी लगभग 25,000 की स्कूटी भी जब्त कर ली है।
पूछताछ के दौरान आरोपी मछुआरे राहुल हतानी ने दावा किया कि लगभग चार महीने पहले उसने चलमाला बीच पर बहकर आई इस व्हेल की उल्टी को आवारा कुत्तों द्वारा खाते देखा था। उसने कुत्तों को भगाकर उस पदार्थ को इकट्ठा कर लिया और उसे अपनी स्कूटी की डिक्की में छिपाकर रख दिया।
वह लंबे समय से इसके लिए किसी खरीदार की तलाश में था, लेकिन ग्राहक मिलने से पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
एम्बरग्रीस एक अत्यंत दुर्लभ मोम जैसा पदार्थ है जो केवल स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र में बनता है। इसका उपयोग अंतरराष्ट्रीय परफ्यूम उद्योग में सुगंध को लंबे समय तक बनाए रखने वाले फिक्सिटिव के रूप में किया जाता है। भारत में स्पर्म व्हेल एक संरक्षित समुद्री जीव है।
'वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972' के तहत एम्बरग्रीस को रखना, परिवहन करना या बेचना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। पुलिस ने आरोपी और जब्त एम्बरग्रीस को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अलीबाग वन विभाग के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर को सौंप दिया है।