Vote theft allegations: राहुल गांधी ने शनिवार को 'वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव' को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग पर गड़बड़ी के लेकर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र संस्था नहीं रह गई है और हमारे पास यह साबित करने के लिए पक्के सबूत हैं कि चुनावों में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं।
राहुल गांधी ने दावा किया है कि उनके पास पूरे देश को दिखाने लायक सबूत हैं, जो यह साबित करते हैं कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है और चुनाव आयोग की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध रही है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की अचानक हार के बाद उनका शक और पुख्ता हो गया।
राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर सियासत गरमा गई है। शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत खुलकर राहुल गांधी के समर्थन में आए हैं। उन्होंने कहा कि जो राहुल गांधी कह रहे हैं, वो सच है और इसके उदाहरण पहले भी देखे जा चुके हैं।
संजय राउत ने महायुती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फडणवीस सरकार ने वोट चुराए है। यह हरियाणा में भी हुआ और अब बीजेपी बिहार में इसे दौहरना चाहती हैं। राहुल गांधी इसका विरोध कर रहे हैं और हम उनके साथ हैं।
संजय राउत का बयान तब आया जब शनिवार को संसद भवन परिसर में राहुल गांधी ने प्रेस से बातचीत करते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल ने दावा किया कि उनके पास 'पुख्ता सबूत' हैं कि बिहार की एक एसआईआर रिपोर्ट में साफ दिख रहा है कि वोटों की चोरी हुई है और इसमें चुनाव आयोग भी शामिल है।
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं यह हल्के में नहीं कह रहा हूं। हमारे पास ठोस दस्तावेज हैं। चुनाव आयोग में ऊपर से नीचे तक जो लोग इस खेल में शामिल हैं, उन पर कार्रवाई होगी। हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे। राहुल ने दावा किया कि पहले मध्यप्रदेश और लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद विपक्ष के मन में संदेह पैदा हुआ था, लेकिन अब महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद यह शक और गहरा हो गया है। उन्होंने कहा कि जब अचानक एक करोड़ नए नाम मतदाता सूची में जुड़ गए तो कांग्रेस ने अपनी आंतरिक जांच शुरू की।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 'हम रोज-रोज लगाए जा रहे ऐसे बेबुनियाद आरोपों को नजरअंदाज करते हैं। रोज मिल रही धमकियों के बावजूद हमारे कर्मचारी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया कि उनके कर्मचारी ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों से प्रभावित न हों और अपना काम पूरी ईमानदारी से करते रहें।