Pune Inner Ring Road Traffic Relief Project: पुणे में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने तीन प्रमुख परिवहन परियोजनाओं को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगर विकास विभाग ने पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय तकनीकी और समन्वय समितियों के गठन का शासनादेश जारी किया है। इन समितियों का उद्देश्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है।
सरकार ने जिन परियोजनाओं के लिए समितियों का गठन किया है, उनमें पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) की भूमिगत टनल नेटवर्क परियोजना, हाई कैपेसिटी मास ट्रांजिट रूट (एचसीएमटीआर) और इनर रिंग रोड परियोजना शामिल हैं। इन तीनों परियोजनाओं को पुणे की भविष्य की परिवहन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार, पुणे शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और उद्योगों का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां देश के लगभग 25 प्रतिशत ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर संचालित हैं। तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के मुकाबले शहर में सड़क नेटवर्क कुल क्षेत्रफल का केवल लगभग 9 प्रतिशत है। यही कारण है कि यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है और नई परिवहन परियोजनाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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पीएमआरडीए की लगभग 64 किलोमीटर लंबी भूमिगत टनल परियोजना शहर के प्रमुख मार्गों को जमीन के नीचे जोड़ने का काम करेगी। वहीं, नगर निगम के विकास योजना में शामिल 36 किलोमीटर लंबा एचसीएमटीआर कॉरिडोर प्रमुख सड़कों और मेट्रो मार्गों को जोड़ने वाले फीडर नेटवर्क के रूप में विकसित किया जाएगा।इसके अलावा, लगभग 83 किलोमीटर लंबा इनर रिंग रोड शहर के बाहरी क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ते हुए शहर के मध्य भाग पर पड़ने वाले यातायात के दबाव को कम करेगा।
राज्य सरकार ने बताया कि इन परियोजनाओं से जुड़े नीतिगत निर्णय और वित्तीय स्वीकृतियों के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से पुणे की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी, यात्रा समय कम होगा और भविष्य की शहरी परिवहन आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।