शरद पवार-एकनाथ शिंदे मुलाकात पर सुप्रिया सुले की सफाई (फोटो.सोशल मीडिया)  
पुणे

शरद पवार-एकनाथ शिंदे मुलाकात पर विवाद: सुप्रिया सुले बोलीं- 'प्याले में तूफान', राजनीतिक मतलब न निकाला जाए

Supriya Sule Statement: शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात पर सुप्रिया सुले ने संजय राउत को दिया जवाब। कहा- यह प्याले में तूफान है, कांग्रेस में विलय की खबरों को भी नकारा।

रूपम सिंह

Maharashtra Politics Sharad Pawar Meeting: महाराष्ट्र में विपक्ष की महाविकास आघाडी के अंदर राकां अध्यक्ष शरद पवार व डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मुलाकात को लेकर बवाल मचा हुआ है। यूबीटी के प्रवक्ता संजय राऊत ने इस मुलाकात पर कड़ी आपति जताते हुए कहा था कि जिस गद्दार नेता ने हमारी सरकार गिराई थी, उसके कार्यालय में सीनियर नेता शरद पवार का जाना, हमें आहत कर गया है। उन्होंने कहा कि इससे अच्छा संदेश नहीं जाएगा।

अब इस विवाद पर पवार पुत्री सुप्रिया सुले ने सफाई देते हुए कहा कि यह मुलाकात प्याले में तूफान से ज्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे संवैधानिक पद पर हैं। ऐसे में उनके कार्यालय में बड़े पवार का जाना, सामान्य बात है। मैं अपने सहयोगी दलों के नेताओं से अपील करती हूं कि वे इस मामले को ज्यादा तूल न दें। इस मुलाकात का कोई राजनीतिक मतलब निकालना बेमानी है।

हमारा राजनीतिक वजन अभी भी कायम है

सुप्रिया सुले ने कहा कि शरद पवार ने कई साल पहले मुझे एक बात बताई थी कि अच्छी या बुरी, अगर हमारी चर्चा हो रही है तो इसका मतलब है कि हमारा राजनीतिक वजन अभी भी कायम है। इसी सोच के साथ हम आगे बढ़ते हैं।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को 12 साल पूरे होने जा रहे हैं और पिछले 12 वर्षों से उनके भाजपा के साथ जाने की चर्चाएं चल रही है। पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी में कोई भी सांसद असहज नहीं है। हम सभी सांसद लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। हम मिलते हैं और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं।

कांग्रेस के साथ विलय पर कोई बातचीत नहीं

सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है और दोनों दल सहयोगी के रूप में साथ मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विलय को लेकर न तो हमें कांग्रेस की ओर से कोई प्रस्ताव मिला है और न ही हमने उन्हें कोई प्रस्ताव दिया है। हम दोनों एक सहयोगी है और विभिन्न राजनीतिक लेकर आपस में समन्वय करते रहते हैं।

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