पेड़ों को अंधाधुंध काटने की मिल रही है सजा! बारिश की तबाही पर सुप्रिया सुले का महायुति सरकार पर बड़ा हमला

Supriya Sule Slams Mahayuti Government Rain Failure: सांसद सुप्रिया सुले ने भारी बारिश, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे की विफलता को लेकर महाराष्ट्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
Supriya Sule Attacks On Mahayuti
सांसद सुप्रिया सुले (फोटो क्रेडिट-X)
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Supriya Sule Attacks On Mahayuti: महाराष्ट्र में जारी मूसलाधार बारिश और उससे उत्पन्न हुई बाढ़ व भूस्खलन की गंभीर स्थिति को लेकर विपक्षी दल अब पूरी तरह हमलावर हो गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने राज्य में भारी बारिश से हुई तबाही, चरमराते बुनियादी ढांचे और अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर महायुति सरकार और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है।

सुप्रिया सुले ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि राज्य में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के दौरान पर्यावरण के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिसका खामियाजा आज राज्य की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। विकास के नाम पर की जा रही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा और नागरिकों की असमय हो रही मौतों का मुख्य कारण बताया है।

विकास के नाम पर हो रहा विनाश

सांसद सुप्रिया सुले ने पुणे में मीडिया से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास कार्य चल रहा है, लेकिन इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। विकास के नाम पर बड़े स्तर पर पेड़ों को काटा जा रहा है, जिसकी वजह से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो रहा है और कई स्थानों पर मासूम लोगों की जान जा रही है।

उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री से मांग की है कि इन सभी विकास परियोजनाओं का तत्काल प्रभाव से एक व्यापक सुरक्षा और पर्यावरण ऑडिट कराया जाए, और इसकी वास्तविक स्थिति को राज्य की जनता के सामने पारदर्शी तरीके से स्पष्ट किया जाए।

मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख शहरों का इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह हुआ फेल

हाल ही में भारी बारिश के बीच हुई विभिन्न दुर्घटनाओं और भूस्खलन में नागरिकों की मौतों पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि वर्तमान में पूरे राज्य का बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। देश के दो सबसे प्रमुख आर्थिक और तकनीकी केंद्रों, पुणे और मुंबई में बुनियादी ढांचे का इस कदर विफल होना एक बेहद गंभीर और विचारणीय विषय है।

सुले ने सरकार से गुजारिश की है कि इन सभी बुनियादी ढांचागत विफलता की घटनाओं की एक स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

संसद में गूंजेगा राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा।

सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर मुंबई और पुणे के नागरिकों, विशेष रूप से नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और बिना वजह घर से बाहर न निकलने की अपील की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पुणे के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क (हिंजवडी) सहित भारी बारिश से प्रभावित इलाकों के कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की अनुमति दी जाए।

इसके साथ ही, उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक के धार्मिक स्थल करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र हैं। यदि ऐसे पवित्र स्थानों पर भ्रष्टाचार हुआ है तो यह बेहद शर्मनाक है और उनकी पार्टी आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाकर निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।

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