Pune Sugar Mills Membership Rule: सहकारी चीनी मिलों के कार्यक्षेत्र से बाहर गन्ना उत्पादन करने वाले किसानों को सदस्य बनाए जाने पर चीनी आयुक्तालय ने स्पष्ट रुख अपनाया है। परिपत्र के अनुसार, संबंधित चीनी मिल के कार्यक्षेत्र के निवासी पात्र व्यक्ति को ही सदस्य बनाया जा सकता है।
इस निर्णय से भीमाशंकर सहकारी चीनी मिल के कार्यक्षेत्र से बाहर गन्ना उत्पादन करने वाले किसानों के लिए मिल की सदस्यता लेने का रास्ता सीमित हो गया है।
चीनी आयुक्तालय ने महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, 1960 की धारा 22 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि सहकारी चीनी मिल का सदस्य संबंधित मिल के कार्यक्षेत्र में रहने वाला होना आवश्यक है। कार्यक्षेत्र से बाहर के गन्ना आपूर्तिकर्ताओं को केवल गन्ना आपूर्ति के आधार पर सदस्य नहीं बनाया जा सकता।
परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मिल के उपनियमों के अनुसार कार्यक्षेत्र में रहने वाले पात्र व्यक्ति द्वारा सदस्यता के लिए आवेदन किए जाने पर उसे निर्धारित अवधि में स्वीकार करना होगा। यदि आवेदक अपात्र है तो आवेदन खारिज करने के कारण भी स्पष्ट रूप से दर्ज करने होंगे।
आवेदन खारिज होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक के समक्ष अपील करने का अधिकार रहेगा। सदस्यता के आवेदन और शेयर जमा राशि को बिना निर्णय के लंबित रखने पर भी आयुक्तालय ने नाराजगी जताते हुए ऐसे मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। अस्वीकृत आवेदनों की शेयर जमा राशि संबंधित आवेदकों को वापस करनी होगी।
अब चीनी मिलों को सदस्यता देते समय मिल के निर्धारित कार्यक्षेत्र, संबंधित गांवों में रहने वाले पात्र किसानों तथा उपनियमों में की गई व्यवस्था को ध्यान में रखना होगा। इससे कार्यक्षेत्र से बाहर के गन्ना उत्पादकों को केवल गन्ना आपूर्ति करने के आधार पर सदस्यता देने की संभावना समाप्त हो गई है।
हालांकि, कार्य क्षेत्र से बाहर के किसान मिल को गन्ना आपूर्ति कर सकेंगे, लेकिन गन्ना आपूर्ति करने मात्र से उन्हें सदस्यता का अधिकार नहीं मिलेगा। चीनी आयुक्तालय के परिपत्र के अनुसार कार्यक्षेत्र से बाहर के गन्ना उत्पादकों को सदस्य नहीं बनाया जा सकता।