Pune University SPPU 2019 Pattern Backlog Students Special Exam: सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के 2019 पैटर्न के बैकलॉग विद्यार्थियों ने लंबित विषयों को पूरा करने के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने की मांग को लेकर 28 सितंबर से आंदोलन शुरू किया है।
विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा को लेकर लगातार आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक निर्णय या कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है।
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) के 2019 पैटर्न के बैकलॉग विद्यार्थियों ने लंबित विषयों को पूरा करने के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने की मांग को लेकर 28 सितंबर से आंदोलन शुरू किया है। विद्यार्थियों का कहना है कि कई विषय लंबित होने के कारण उनकी आगे की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय को विशेष परीक्षा आयोजित कर विद्यार्थियों को एक और अवसर देना चाहिए।
आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति, प्र-कुलपति और परीक्षा एवं मूल्यांकन मंडल के निदेशक से हस्तक्षेप करने की मांग की है। विद्यार्थियों ने विशेष परीक्षा का स्पष्ट कार्यक्रम जल्द जारी करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि जब तक इस संबंध में ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विद्यार्थी प्रतिनिधियों के अनुसार, विशेष परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर पत्राचार भी हुआ था। विद्यार्थियों को 26 सितंबर तक इस संबंध में निर्णय होने के संकेत दिए गए थे। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी परीक्षा को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
विशेष परीक्षा के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होने से विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विद्यार्थियों का कहना है कि कई छात्रों के विषय लंबित हैं और इसका असर उनके आगे के शैक्षणिक अवसरों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से आगे की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थी चिंतित हैं।
विद्यार्थी प्रतिनिधि शिवा बारीले ने कहा कि 2019 पैटर्न के विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, पिछले एक महीने से विद्यार्थियों को केवल आश्वासन मिल रहे हैं। अब विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थी हित को ध्यान में रखते हुए विशेष परीक्षा के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेकर स्पष्ट कार्यक्रम जारी करना चाहिए।
निर्णय तक विद्यार्थी आंदोलन जारी रखने की भूमिका विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन के बजाय उन्हें परीक्षा की तारीख और प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी चाहिए। जब तक विश्वविद्यालय की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखने की भूमिका विद्यार्थियों ने रखी है।