Sharad Pawar Slams Government: कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट-यूजी (NEET-UG 2026) परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले ने देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। इसी कड़ी में शरद पवार ने इस पूरे मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पुणे में मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ नेता शरद पवार ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं के बाद भी जरूरी एहतियात (Precautions) नहीं बरते गए, जिसका खामियाजा आज देश के लाखों होनहार छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
नीट परीक्षा में हुई धांधली और उसे रद्द करने के फैसले पर सीधे तौर पर बोलते हुए एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो ऐसी घटनाएं पहले भी एक या दो बार हो चुकी हैं। लेकिन उन घटनाओं के सामने आने के बाद भी जो जरूरी कदम और सावधानियां बरती जानी चाहिए थीं, वे नहीं ली गईं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की इसी ढिलाई और दूरदर्शिता की कमी के कारण आज यह स्थिति दोबारा पैदा हुई है, जिसने पूरे देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
देश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली इस परीक्षा की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए शरद पवार ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, देशभर के लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके नीट (NEET) की परीक्षा में शामिल होते हैं। उनका पूरा करियर और भविष्य इसी परीक्षा के नतीजों पर टिका होता है। इसके बावजूद, इस परीक्षा को लेकर जो अनियमितताएं और गड़बड़ियां अब सामने आई हैं, वे बेहद गंभीर हैं। इसे किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा के आयोजन और उसकी गोपनीयता को लेकर उठ रहे सवालों के बाद सरकार को परीक्षा रद्द करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा है। इस फैसले के बाद से ही देशभर के कोचिंग सेंटरों, छात्रों और उनके माता-पिता में भारी निराशा और गुस्सा देखा जा रहा है। सालों तक कड़ी मेहनत और लाखों रुपए खर्च करने के बाद परीक्षा का इस तरह विवादों में घिरकर रद्द होना छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ा रहा है।
विपक्ष अब इस मुद्दे पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। शरद पवार के इस बयान के बाद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्दीकरण के मुद्दे पर राजनीतिक लड़ाई और तेज होने के आसार हैं।