Pune News In Hindi: राजगड़ तहसील स्थित कोदवड़ी में प्रशासन की अनदेखी एक बार फिर ग्रामीणों पर भारी पड़ी है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने चंदा जुटाकर पुराने क्षतिग्रस्त पुल के पास एक कच्चा रास्ता तैयार किया था, लेकिन शुक्रवार को गुंजवणी बांध से रबी सीजन की फसलों के लिए नदी में 250 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण यह कच्चा रास्ता पूरी तरह बह गया।
इस घटना के बाद क्षेत्र के लगभग 25 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और अन्य मुख्य केंद्रों से एक बार फिर टूट गया है। नागरिकों ने आगामी जिप और पंस चुनावों के बहिष्कार का कड़ा निर्णय लिया है।
कोदवड़ी के इस महत्वपूर्ण लोहे के पुल की समस्या 20 दिसंबर 2025 को तब शुरू हुई थी, जब एक भारी वाहन के गुजरने के कारण यह पुल पूरी तरह ढह गया था। पुल टूटने के कारण छात्रों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस मदद न मिलते देख, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया के जरिए फंड जुटाया और स्वयं के खर्च व श्रमदान से एक वैकल्पिक कच्चा रास्ता तैयार किया था।
रबी सीजन की फसलों के लिए गुंजवणी बांध से 250 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। पानी के तेज बहाव ने ग्रामीणों की मेहनत से बने इस वैकल्पिक मार्ग को जमींदोज कर दिया। रास्ता बहते ही ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। सोंडे सरपाले के सरपंच प्रकाश बढे, सोडे कारले सरपंच युवराज काले, सुरखंड के सरपंच अशोक सरपाले आदि ने प्रशासन के प्रति तीव्र रोष व्यक्त किया है।
पुल ढहने के दो महीने बाद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस समाधान न किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। यदि पुल की समस्या पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया, तो विभिन्न गांवों - के ग्रामीण आने वाले चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
-बालु जाधव, सरपंच, सोंडे हिरोजी
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन केवल खोखले आश्वासन देता है, जबकि धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुल का स्थायी निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक वे मतदान केंद्रों पर नहीं जाएंगे।