पालखी महामार्ग (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

पुणे-सासवड का सफर अब सिर्फ 25 मिनट में होगा पूरा, 8-लेन पालखी महामार्ग अंतिम चरण में

Pune News: पुणे-सासवड के बीच संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी महामार्ग 8-लेन में बदल रहा है। 13.25 किमी का सफर 25 मिनट में पूरा होगा, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाएं कम होंगी।

आकाश मसने

Pune Saswad Road Project: पुणे से सासवड के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों और प्रतिवर्ष पैदल वारी करने वाले लाखों वारकरियों के लिए एक सुखद खबर है। श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी महामार्ग के अंतर्गत हडपसर से सासवड खंड का निर्माण कार्य अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गया है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा अगले 50 वर्षों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को 8-लेन का आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। 13.25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के पूर्ण होते ही घंटों का सफर मात्र 20 से 25 मिनट में सिमट जाएगा। वर्तमान में परियोजना का 45% कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

पहले यह मार्ग केवल दो लेन का था, जिसके कारण यहां आए दिन भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी। अब इसे 8 लेन में बदला जा रहा है, जिसमें मुख्य मार्ग के साथ-साथ दोनों ओर सर्विस रोड का जाल भी बिछाया जा रहा है। इन सर्विस रो के निर्माण से स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को मुख्य हाईवे के भारी ट्रैफिक से जूझना नहीं पड़ेगा, जिससे उनका आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा। वहीं, दिवेघाट जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी दोनों दिशाओं को मिलाकर 6 लेन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

फ्लाईओवर और अंडरपास का जाल

यात्रियों के समय की बचत और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस मार्ग पर अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। मंतरवाड़ी से साडी सेंटर के बीच लगभग एक किलोमीटर लंबा भव्य फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। जबकि वडकी, उरुली देवाची और फुरसुंगी जैसे प्रमुख जंक्शनों पर अंडरपास बनाए जा रहे हैं ताकि स्थानीय वाहन मुख्य मार्ग की गति को प्रभावित न करें।

इसी तरह, फुरसुंगी में स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का विस्तार किया जा रहा है ताकि रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके। इन आधुनिक संरचनाओं के कारण वाहन बिना किसी रुकावट के तेज गति से चल सकेंगे, जिससे न केवल समय बचेगा बल्कि ईंधन में भी भारी कमी आएगी।

पुरंदर एयरपोर्ट के लिए बनेगा 'इकोनॉमिक कॉरिडोर'

यह महामार्ग भविष्य में प्रस्तावित पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए एक 'गेम चेंजर' साबित होने वाला है। हवाई अड्डे का संचालन शुरू होने पर वाहनों के दबाव को संभालने के लिए यह 8-लेन सड़क पूरी तरह तैयार होगी। इसके साथ ही दिवेघाट के खतरनाक मोड़ों को काटकर कम किया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। यह बदलाव न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि पुरंदर क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए द्वार भी खोलेगा।

पहाड़ियों के छोटे हिस्सों को काटने का काम जारी

परियोजना संचालक, एनएचएआई, पुणे संजय कदम ने कहा कि वर्तमान में हम के कठिन मोडों कम और वर्तमान में हम दिवेघाट के कठिन मोड़ों को कम करने और सड़क तेजी से कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य 2026 के पालखी समारोह से पहले इस मार्ग का अधिक से अधिक काम पूरा करना है।

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