भीमराव कांबले (सोर्स-सोशल मीडिया) 
पुणे

पुणे पोक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, अदालत ने कैसे 65 दिनों में बच्ची के हत्यारे को फांसी तक पहुंचाया

Pune Crime News: पुणे की विशेष पोक्सो अदालत ने 4 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी भीमराव कांबले को महज 59 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनाई है।

करुणा नंद शाहवाल

Pune POCSO Court Hangs Girl Killer In 65 Days: पुणे में चार साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी करने के मामले में अदालत ने रिकॉर्ड 59 दिनों के भीतर बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी भीमराव कांबले को फांसी की सजा सुनाई है। 1 मई को पुणे के नसरापुर गांव में हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

विशेष पोक्सो अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म, अपहरण और हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में दोषी मानते हुए इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मामला करार दिया। इस मामले में आज पुणे की अदालत ने POCSO की तीन धाराओं के अंतर्गत आरोपी भीमराव को फांसी (Rarest of Rare) की सजा सुनाई। 65 साल के भीमराव कांबले पर अपहरण, बलात्कार, छेड़छाड़ और हत्या सहित कुल सात मामले दर्ज पहले से ही दर्ज किए गए थे।

जानिए पूरा मामला?

दरअसल 1 मई को पुणे को नसरापुर गांव कि रहने वाली 4 साल कि मासुम बच्ची अपने घर से अ चानक लापता हो गई थी। लड़कि के परिजनों ने नजदिकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी । दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने तलाश शुरू की, तो कुछ देर बाद बच्ची का शव बरामद हुआ। शव को पोस्टमार्डम के लिए भेजा गया, जांच कि रिपोर्ट में सामने आया की बच्ची के दुष्कर्म किया गया है। इस घटना के बाद पुरे महाराष्ट्र के लोगों में आक्रोश उत्पन्न हो गया। दुष्कर्म के मामले में लोग कड़ी से कड़ी सजा की मांग करने लगे।

मामले की जाँच और न्यायिक प्रक्रिया

पुलिस ने गहन जाँच-पड़ताल के दौरान सीसीटीवी फुटेज, डीएनए रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी सबूतों को मुख्य आधार बनाते हुए भीमराव कांबले को गिरफ्तार किया था। अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में पेश किए गए इन पुख्ता सबूतों के आधार पर, पुणे कि एक विशेष अदालत 26 जून को तुरन्त मामले की कार्रवाई करते हुए महज 55 दिनों की रिकॉर्ड अवधि के भीतर भीमराव कांबले को दोषी करार दिया और उसे फाँसी की सजा सुनाई।

सीएम फडणवीस ने कोर्ट और पुसिल कि प्रशंसा की

नरसापुर  में हुए इस घटना पर कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायालय ने बहुत ही उचित फैसला सुनाया है। उन्होनें ने कहा कि समाज  ऐसे दरिंदों को रहने का कोई अधिकार नहीं है। सीएम फडणवीस ने पुणे जिला के पुलिस अधीक्षक और कोर्ट के सरकारी वकील अजय मिसर को फोन करके उन्हें बधाई देते हुए  उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच और सुनवाई रिकॉर्ड समय में पूरी की गई, जो बहुत ही  सराहनीय कार्य है।

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