Pune Police Pune MPSC Student Protest Permission Denied: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की विभिन्न मांगों को लेकर पुणे के एसएम जोशी पुल, पत्रकार भवन के पास चल रहे छात्रों के धरना आंदोलन को पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुणे पुलिस ने आंदोलकारियों को आंदोलन स्थल तत्काल खाली करने का आदेश दिया है।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्र निर्धारित वैकल्पिक स्थान पर आंदोलन के लिए अनुमति मांगते हैं तो उस पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। एमपीएससी की विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने 2 अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद 30 सितंबर को मुख्यमंत्री और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी।
छात्रों के अनुसार, बैठक में उनकी अधिकांश मांगें स्वीकार किए जाने के बाद प्रस्तावित धरना आंदोलन स्थगित करने का पत्र दिया गया था। पुलिस के मुताबिक इसके चलते पहले दी गई आंदोलन की अनुमति रद्द कर दी गई थी। इसके बावजूद 1 अक्टूबर को बिना पूर्व अनुमति के एसएम जोशी पुल के पास विद्यार्थियों का जमावड़ा शुरू हुआ और धरना आंदोलन किया गया।
पुलिस ने आरोप लगाया है कि आंदोलन के दौरान भड़काऊ बयान देकर छात्रों को प्रदर्शन के लिए उकसाया गया। पुलिस के आदेश में यह भी कहा गया है कि आंदोलन के कारण इलाके में यातायात प्रभावित हो रहा है और नागरिकों के दैनिक कामकाज पर असर पड़ रहा है।
पुणे पुलिस के अनुसार, शहर में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने के दौरान यह आंदोलन जारी रखा गया। विश्रामबाग पुलिस ने आंदोलनकारियों को लिखित और मौखिक रूप से आंदोलन को गैरकानूनी बताते हुए स्थल खाली करने की सूचना दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा।
पुलिस ने आदेश में आंदोलन के दौरान 'पुणे बंद कर देंगे' जैसे बयान दिए जाने का भी उल्लेख किया है। पुलिस का कहना है कि इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होने की आशंका है।
पुलिस ने आंदोलनकारियों को तत्काल परिसर खाली करने का आदेश दिया है। साथ ही डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा परिसर या पुणे जिलाधिकारी कार्यालय जैसे निर्धारित स्थानों पर तय समय के लिए आंदोलन की अनुमति मांगने पर सकारात्मक विचार करने की बात कही है। पुलिस के आदेश के बाद अब एमपीएससी छात्र आंदोलनकारियों की अगली भूमिका पर नजर है।