

FDA Pune Milk Adulteration Racket: महाराष्ट्र के पुणे जिले में दूध में मिलावट के खिलाफ अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है।
जांच के दौरान दूध की मात्रा और घटक बढ़ाने के लिए डिटर्जेंट तथा नॉनिलफेनॉल से जुड़े इथॉक्सिलेट जैसे हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है। इस मामले में अब तक 37 आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एफडीए की यह कार्रवाई मंचर से शुरू हुई। जांच एजेंसी ने दूध की आपूर्ति से लेकर उसके संकलन, शीतलीकरण, प्रसंस्करण और वितरण तक की पूरी श्रृंखला की पड़ताल की। अधिकारियों ने मिलावट के नेटवर्क से जुड़े प्रतिष्ठानों और संबंधित गतिविधियों की जांच करते हुए कई अहम साक्ष्य जुटाए।
कार्रवाई के दौरान व्हे पाउडर, डिटर्जेंट और अन्य रसायन जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार, मंचर स्थित आकाश डेयरी फार्म से लिए गए दूध के सभी छह नमूनों में डिटर्जेंट की मौजूदगी पाई गई। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई।
दूध में डिटर्जेंट और अन्य रसायनों की मौजूदगी उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। ऐसे पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए दूध की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
पुणे शहर में एफडीए ने मामले में कार्रवाई करते हुए कुल 26 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इन प्रतिष्ठानों को कारोबार बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कार्रवाई का उद्देश्य दूध की आपूर्ति व्यवस्था में मिलावट पर रोक लगाना और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
इस मामले ने दूध की गुणवत्ता और उसकी आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उपभोक्ताओं को अधिकृत विक्रेताओं से दूध खरीदना चाहिए और पैकेटबंद उत्पादों पर पैकिंग, तारीख तथा संबंधित जानकारी की जांच करनी चाहिए। दूध की गुणवत्ता पर संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना देना उचित है।
एफडीए की जांच और आगे की कार्रवाई से मामले में शामिल अन्य लोगों तथा मिलावट के नेटवर्क से जुड़े तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।