पुणे मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया) 
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पुणे में मानसून से पहले 150 करोड़ का एक्शन प्लान, जलभराव रोकने के लिए PMC की तैयारी

Pune Municipal Corporation ने मानसून से पहले 150 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। नालों की सफाई, स्टॉर्म वॉटर ड्रेन सुदृढ़ीकरण और सड़कों की मरम्मत के जरिए जलभराव से राहत देने की तैयारी है।

अपूर्वा नायक

PMC Monsoon Plan: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे को आगामी मानसून सत्र के दौरान डूबने से बचाने और जर्जर सड़कों की समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) ने अपनी कमर कस ली है।

इस वर्ष बारिश की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन ने 150 करोड़ रुपये का भारी बजट आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस निधि का मुख्य उद्देश्य नालों की व्यापक सफाई, स्टॉर्म वॉटर ड्रेन यानी वर्षा जल निकासी प्रणाली का सुदृढ़ीकरण और सड़कों की मरम्मत करना है।

प्रशासन का लक्ष्य जून से सितंबर के बीच होने वाली भारी बारिश के दौरान जलभराव और यातायात की समस्याओं से लोगों को बचाना है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के निरंतर दबाव के बाद प्रशासन ने मानसून पूर्व कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए यह ठोस कदम उठाया है।

महापौर मंजूषा नागपुरे ने दिए कड़े निर्देश

इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए महापौर मंजूषा नागपुरे ने हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में जलभराव रोकने और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू किए जाएं। महापौर ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए उन संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाए जहां मामूली बारिश में भी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।

आयुक्त ने बनाई वित्तीय रणनीति

प्रशासनिक मोर्चे पर महानगर पालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने एक नई और व्यावहारिक वित्तीय रणनीति अपनाई है। उन्होंने शहर के सभी 15 क्षेत्रीय कार्यालयों को 10-10 करोड़ रुपये की राशि तत्काल आवंटित करने का आदेश दिया है। आयुक्त ने यह सुनिश्चित किया कि इन कार्यों के लिए अगले वित्तीय वर्ष के राजस्व का इंतजार न किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के उपलब्ध फंड का उपयोग कर 31 मार्च तक सभी आवश्यक टेंडर प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं। इससे काम में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा और अप्रैल माह से वास्तविक जमीनी काम शुरू हो सकेगा।

नए शामिल गांवों पर ध्यान और निगरानी

प्रशासन ने उन नए गांवों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जा हाल ही में मनपा में शामिल हुए हैं। यहां बुनियादी ढांचे की कमी को देखत हुए, सभी 15 वार्ड कार्यालयों को नालों की विशेष सफाई के लिए अतिरिक्त 1करोड़ रुपये दिए गए हैं।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नगरसेवकों ने एक समर्पित वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है, जो इन कार्यों की गुणवत्ता और फंड के उपयोग की निगरानी करेगा। प्रशासन के इस सक्रिय रुख से उम्मीद जागी है कि इस बा पुणेकर एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित मानसून का अनुभव करेंगे।

वार्ड स्तर पर बजट का विस्तृत आवंटन किया गया

प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय को आवंटित 10 करोड़ रुपये के खर्च का खाका भी तैयार कर लिया गया है। इसके तहत सड़कों के गड्डों को भरने के लिए 1 करोड़ रुपये, फुटपाथों के रखरखाव के लिए 3 करोड़ रुपये और फुटपाथ से संबंधित अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए है। इसके अतिरिक्त, सीवेज ड्रेनेज, स्टॉर्म वॉटर ड्रेन और बड़े नालों की सफाई के लिए 1-1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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