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दिवाली के त्योहार के बीच HPCL के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक खत्म होने की आशंका जताई गई है।
डीलरों का दावा है कि SBI eDFS और बैंकिंग पोर्टल के माध्यम से भुगतान करने के बावजूद उन्हें ईंधन का लोड नहीं मिल रहा है।
बैंकिंग और कंपनी की आंतरिक भुगतान मिलान प्रक्रिया में देरी के कारण भुगतान अपडेट नहीं हो पा रहा है।
Pune Petrol Diesel Shortage: दिवाली के त्योहार के बीच पुणे में पेट्रोल और डीजल की किल्लत का खतरा मंडराने लगा है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के कई पेट्रोल पंप डीलरों को भुगतान करने के बावजूद ईंधन की सप्लाई नहीं मिल रही है। पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन पुणे (PDAP) के अध्यक्ष ध्रुव रूपारेल ने इस मामले में कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
एसोसिएशन के मुताबिक, HPCL के कई डीलरों ने SBI eDFS और SBI बैंकिंग पोर्टल के माध्यम से पेट्रोलियम उत्पादों का भुगतान कर दिया है। इसके बावजूद बैंकिंग या कंपनी की आंतरिक भुगतान मिलान प्रक्रिया (रिकंसिलिएशन) में देरी के कारण HPCL के खातों में भुगतान अपडेट नहीं हो पा रहा है। इसी तकनीकी समस्या का हवाला देकर संबंधित डीलरों के इंधन लोड रोक दिए गए हैं।
पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन पुणे के अध्यक्ष ध्रुव रुपारेल ने कहा कि अधिकृत बैंकिंग माध्यम से भुगतान करने और उसके प्रमाण प्रस्तुत करने के बाद भी डीलरों को पेट्रोल-डीजल से वंचित रखना पूरी तरह अनुचित है। बैंकिंग सिस्टम या कंपनी की आंतरिक तकनीकी खामियों की सजा पेट्रोल पंप संचालकों को नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के दौरान ईंधन की मांग अधिक रहती है। ऐसे समय में सप्लाई रोकने से पेट्रोल पंपों का स्टॉक खत्म होने की आशंका है। इससे डीलरों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए PDAP ने HPCL के चेयरमैन, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सोसिएशन ने मांग की है कि SBI के भुगतान प्रमाणों का सत्यापन कर सभी पात्र डीलरों के लंबित इंधन लोड तत्काल जारी किए जाएं। इसके अलावा लंबित मांगों को पूरा करने और पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी रोकने के लिए रविवार को भी पुणे के HPCL डिपो खुले रखने की मांग की गई है।
PDAP का कहना है कि भुगतान संबंधी तकनीकी और प्रशासनिक देरी के कारण ईंधन की सप्लाई बाधित होना न केवल डीलरों की छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी कमजोर करता है। कंपनी की आंतरिक प्रक्रियाओं का खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतना चाहिए। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब भुगतान अधिकृत बैंकिंग माध्यम से किया जा चुका है और उसके प्रमाण उपलब्ध हैं, तो केवल तकनीकी देरी के आधार पर ईंधन की सप्लाई रोकना उचित नहीं है।
(समीर सय्यद की रिपोर्ट, पुणे)