Pune Metro Train News: मेट्रो सफर के दौरान केवल सीलबंद (पैकेज्ड) मांसाहारी खाद्य पदार्थ ले जाने की अनुमति है जबकि कच्चा मांस, ओपन मांसाहारी पदार्थ और सूखी मछली को थैलों में या खुले तौर पर ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
लेकिन पका हुआ शाकाहारी या मांसाहारी भोजन डिब्बे या पैकेट में ले जाया जा सकता है, पर यात्रा के दौरान मेट्रो के भीतर उन्हें खाने की अनुमति नहीं है। मेट्रो के संचालन की शुरुआत से ही यह नियम लागू हैं, लेकिन अधिकांश यात्रियों को इसकी जानकारी नहीं होने के कारण सुरक्षा जांच के दौरान विवाद की स्थिति बन रही है।
इसी के मद्देनजर महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (महामेट्रो) ने प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची दोबारा जारी की है। महामेट्रो के जनसंपर्क अधिकारी चंद्रशेखर तांबवेकर के अनुसार चूंकि मेट्रो पूरी तरह वातानुकूलित होती है, इसलिए सड़ी-गली वस्तुओं या पके हुए भोजन की गंध पूरी बोगी में फैल सकती है, जिससे अन्य यात्रियों को असुविधा होती है। स्वच्छता बनाए रखने और ज्वलनशील पदार्थों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो परिवहन विनियमन अधिनियम में ऐसे कड़े प्रावधान किए गए हैं।
नए साल की पहली 'अंगारकी संकष्टी चतुर्थी' (5 जनवरी 2026) के पावन अवसर पर गणेश भक्तों के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने खुशखबरी दी है। पुणे के शिवाजीनगर और पिंपरी-चिंचवड डिपो से अष्टविनायक दर्शन के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। प्रस्थान तिथि 5 जनवरी 2026 (सोमवार) को सुबह 7:00 बजे (शिवाजीनगर और पिंपरी-चिंचवड दोनों डिपो से) होगी। यह एक विशेष फेरी है जिसमें भक्तों को के दर्शन कराए जाएंगे।
भक्त इस विशेष बस सेवा के लिए महामंडल की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से अग्रिम आरक्षण कर सकते हैं। यात्रा के दौरान 'भक्ति निवास' में रहने और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिसका खर्च यात्रियों को स्वयं वहन करना होगा। पुणे विभाग के नियंत्रक अरुण सिया ने बताया कि यदि यात्रियों का 40 से अधिक लोगों का समूह एक साथ बुकिंग करता है, तो परिवहन विभाग उनके लिए एक अलग बस उपलब्ध कराएगा। अंगारकी चतुर्थी को अष्टविनायक दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह ठोस कदम उठाया है।