Pune Nitin Gadkari Sanjay Pachange Highway Meeting: भाजपा उद्योग आघाड़ी के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय पाचंगे ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। बैठक में पुणे-नगर हाईवे की यातायात समस्या, सड़क चौड़ीकरण, ग्रामीण मार्गों की मरम्मत और पुलों के सुधार सहित शिरूर तहसील के बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
शिक्रापुर, भाजपा उद्योग आघाड़ी के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय पाचंगे ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान पुणे-नगर हाईवे सहित शिरूर तहसील के विभिन्न प्रमुख मार्गों के विकास और यातायात से जुड़ी समस्याओं को लेकर चर्चा हुई।
पुणे-नगर हाईवे जिले के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री और भारी मालवाहक वाहन गुजरते हैं। वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण कई स्थानों पर यातायात जाम की समस्या सामने आती है। पाचंगे ने यात्रियों की सुरक्षा, दुर्घटनाओं में कमी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हाईवे के नवीनीकरण तथा आवश्यकतानुसार चौड़ीकरण की जरूरत बताई।
बैठक में शिरूर तहसील के ग्रामीण और संपर्क मार्गों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। पाचंगे ने अंदरूनी सड़कों के निर्माण, गड्ढों की मरम्मत और जर्जर पुलों के सुधार की मांग रखी।
उन्होंने बताया कि खराब सड़कों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क संपर्क बेहतर होने से कृषि उपज के परिवहन, व्यापार और रोजमर्रा के आवागमन को सुविधा मिलने की बात भी रखी गई।
पाचंगे की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से सीधे मुलाकात को शिरूर क्षेत्र में राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय माना जा रहा है। भाजपा उद्योग आघाड़ी के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका को देखते हुए इस मुलाकात को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हुई हैं।
हालांकि, इस मुलाकात का मुख्य केंद्र सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे रहे। अब स्थानीय नागरिकों की नजर इस बात पर है कि बैठक के बाद पुणे-नगर हाईवे या शिरूर के अन्य मार्गों के लिए आगे किस स्तर पर कार्रवाई होती है।
शिरूर तहसील के नागरिक और व्यापारी लंबे समय से बेहतर सड़क संपर्क की मांग करते रहे हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से लंबित सड़क विकास कार्यों को गति मिल सकती है।
अब देखना होगा कि पाचंगे की इस मुलाकात के बाद पुणे-नगर हाईवे के सुधार अथवा शिरूर के ग्रामीण मार्गों के लिए कोई ठोस परियोजना या वित्तीय मंजूरी सामने आती है या नहीं।