नागपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, सड़क के गड्ढों से गई 7 जानें, अब सरकारी इंजीनियर और ठेकेदार बनेंगे आरोपी

Nagpur Road Accident FIR: नागपुर में गड्ढों और बदहाल सड़कों के कारण हुए 2 हादसों में 7 मौतों के बाद ग्रामीण पुलिस सख्त हुई। एसपी हर्ष पोद्दार के निर्देश पर लापरवाह इंजीनियरों और ठेकेदारों पर FIR हुई।
Nagpur Rural Police SP Harssh Poddar
पुलिस ने सरकारी इंजीनियरों, ठेकेदारों को आरोपी बनायाप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स- AI
Published on: 
Updated on: 

Nagpur Rural Police SP Harssh Poddar: नागपुर जिले में सड़क निर्माण और मरम्मत के नाम पर महीनों तक अधूरे छोड़े गए काम, गड्डों से भरी सड़कें और सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी अब जानलेवा साबित हो रही है। ऐसे मामलों में आमतौर पर हादसे के बाद वाहन चालक को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

लेकिन नागपुर ग्रामीण पुलिस के एसपी हर्ष पोद्दार ने इस पर सख्त कदम उठाया है। सड़क की खामियों के कारण हुए 2 हादसों में 7 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने सीधे उन सरकारी इंजीनियरों और ठेकेदारों को आरोपी बनाया है जिन पर सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी थी।

बूटीबोरी और उमरेड पुलिस थाने में दर्ज दोनों मामलों में पुलिस की जांच में सामने आया कि सड़क निर्माण के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। कहीं सड़क पर मार्किंग और डिलिनेटर नहीं लगाए गए थे तो कहीं खतरनाक गड्डों की जानकारी होने के बावजूद उन्हें भरा नहीं गया।

गड्डों की सूचना के बाद भी नहीं सुधरी सड़क

नागपुर जिले में सड़क निर्माण उमरेड में उमरेड-भिवापुर मार्ग पर हादसे की वजह सड़क पर बने गड्ढे सामने आए। खास बात यह है कि संबंधित विभाग को सड़क की खराब और जोखिम भरी हालत जानकारी पहले ही दी गई थी।

गड्ढे भरने और दुर्घटना संभावित हिस्से में सुरक्षा उपाय करने के संबंध में लौक निर्माण विभाग से पत्राचार भी किया गया था। इसके बावजूद गड्ढे जस के तस रहे और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। जूनियर इंजीनियर सचिन आवले व सेठ कंस्ट्रक्शन को सह-आरोपी बनाया गया है।

Nagpur Rural Police SP Harssh Poddar
नागपुर का कुख्यात गैंगस्टर बाबा टाइगर गिरफ्तार, शेगांव स्टेशन पर भेष बदलकर पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

मार्किंग-दिशासूचक तक नहीं

नागपुर जिले के बूटीबोरी में एमआईडीसी-बूटीबोरी मार्ग पर हुए हादसे की जांच में पुलिस ने पाया कि सड़क पर पर्याप्त रोड मार्किंग और डिलिनेटर नहीं थे। इसी मार्ग पर मेट्रो का काम चल रहा है। पुलिस के अनुसार, मेट्रो और सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड के अधीन की जा रही थी।

जांच अधिकारी पीआई निशांत मेश्राम ने सुरक्षा इंतजामों की कमी को गंभीरता से लेते हुए एमआईडीसी डिवीजन की सहायक अभियंता मनीषा सुनील आकुलवार और कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष लोधी के खिलाफ मामला दर्ज किया, दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 और 106(1) और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com